वैष्णव और गृहस्थ आश्रम एक साथ मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, दुर्लभ संयोग

रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय

 

आजमगढ़।भगवान श्रीकृष्ण का जन्माष्टमी पर्व इस बार 4 सितंबर 2026 शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार का पर्व बेहद खास होने जा रहा है क्योंकि वैष्णव, स्मार्त गृहस्थ और औदायिक (रोहिणी नक्षत्र मतावलंबी) तीनों मतों के अनुयायी एक ही दिन प्रभु का जन्मोत्सव मनाएंगे।

 

आचार्य दीपक शुक्ल के अनुसार सभी मंदिरों, मठों, आश्रमों और घरों में भव्य उत्सव आयोजित होंगे। अर्धरात्रि को 12 बजे प्रभु का जन्म होते ही चहुंओर उल्लास छा जाएगा और छः दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम आरंभ हो जाएंगे।

 

उदयातिथि की मान्यता को छोड़ दें तो इस बार जन्मकाल से कुछ समय पूर्व ही रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि अपनी अवधि पूर्ण कर चुके होंगे।

 

भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी इस बार 3 सितंबर को अर्धरात्रि के बाद 1:33 बजे लगेगी। रोहिणी नक्षत्र इसके ठीक 48 मिनट पूर्व, 12:45 बजे से आरंभ हो जाएगा।

 

रोहिणी नक्षत्र अगले दिन उदयातिथि में शुक्रवार की रात 11:12 बजे तक, जबकि अष्टमी तिथि 11:13 बजे तक रहेगी। इस प्रकार रोहिणी नक्षत्र, अष्टमी तिथि तथा औदायिक रोहिणी—तीनों 4 सितंबर को प्राप्त होने पर स्मार्त, वैष्णव तथा औदायिक रोहिणी नक्षत्र मतावलंबी वैष्णव सभी 4 सितंबर को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे।

 

शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व मथुरा में भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी, बुधवार को वृष राशि के चंद्रमा व रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

 

धर्मसिंधु में कहा गया है – ‘भाद्र कृष्ण अष्टमी निशीथव्यापिनी ग्राह्या’* अर्थात यदि अष्टमी तिथि निशीथकाल में मिल रही हो तो उसी दिन जन्माष्टमी मनानी चाहिए। यदि दो दिन अष्टमी तिथि मिल रही हो तो दूसरे दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाना चाहिए।

 

ऐसे करें जन्माष्टमी पूजन, पूरी होगी मनोकामना

अभिषेक – रात 12 बजे पंचामृत से बाल गोपाल का अभिषेक करें और पीले वस्त्र अर्पित करें।

भोग – माखन-मिश्री का भोग लगाएँ और तुलसी दल अर्पित करें।

मंत्र जाप – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।

पाठ – गीता के 1-2 अध्याय का पाठ करें या श्रीकृष्ण के नाम का संकीर्तन करें।

दान-पुण्य – गाय को हरा चारा खिलाना शुभ माना जाता है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद को भोजन या पीले वस्त्र का दान करें।

संकल्प – संतान, विवाह, धन या मानसिक शांति जैसी किसी विशेष मनोकामना के लिए संकल्प लेकर कृष्ण पूजा करें।

 

विशेष जानकारी हेतु आचार्य दीपक शुक्ल, मोबाइल 7355600354

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