यौमे आशूरा पर निकला ताजिया, हुसैन के ग़म में जंजीर ,अंगारा का हुआ मातम

रिपोर्ट:- अशरफ/आजाद 

 

फूलपुर। फूलपुर कस्बा में दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा के नाम से जाना जाता है, इस्लामी इतिहास में विशेष महत्व रखती है। इस दिन सन 61 हिजरी में इराक की धरती करबला में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों ने सत्य, इंसाफ और मानवता की रक्षा के लिए अपनी शहादत पेश की थी। इमाम हुसैन ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय अपने परिवार और साथियों के साथ सब्र और कुर्बानी की ऐसी मिसाल कायम की, जिसे आज भी पूरी दुनिया याद करती है।

दसवीं मोहर्रम के अवसर पर कस्बा फूलपुर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न इमामबाड़ों और मोहल्लों से ताज़िया, अलम के जुलूस निकाले गए। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और नौहाख्वानी व मातम के जरिए करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। जगह-जगह सबील लगाकर पानी और शरबत का इंतजाम किया गया।

कस्बा फूलपुर में नवीं मोहर्रम की रात से ही मुल्लाना,कोहना, कैथाना आदि मोहल्ले से ताज़िया निकाला गया था भोर में सभी मोहल्ले की ताजिया हवेली पहुंची हवेली में अंगारा का मातम हुआ ।उसके बाद सभी मोहल्ले की ताजिया वापस अपने अपने मोहल्ले के इमाम चौक पर रखी गई थी।

दसवीं मोहर्रम को कैथानें मोहल्ले से सुबह 9 बजे ताजिया उठाई गई मोहल्ले से होते हुए हवेली पहुंची दिन में 3 बजे हवेली में मौलाना हाशिर जैदी ने मजलिस पढ़ी मौलाना ने अपने संबोधन में कहा कि करबला का पैगाम इंसानियत ,सब्र, भाईचारे, और जुल्म के खिलाफ,आवाज उठाने का संदेश देता है।

मजलिस के बाद सभी मोहल्ले की ताजिया अपने कदमी रास्ते कोहना ,शुक्लाना,जाफरगंज,इस्माइलगंज बानगी बाजार पहुंचा वहां पर अंजुमने अब्बासिया के ईशान जैदी,जमन फूलपुर,नवाज़ लखनवी ने नौहा पढ़ा ।नौहा के बाद जंजीरा का मातम किया गया ।बड़े लोगों के साथ छोटे बच्चों ने भी जंजीरा का मातम किया ।जुलूस आगे बढ़ता हुआ दुनियागंज ,जमीलाबाद,पूरा अच्छई सिकंदरा रोड होते हुए करबला पहुंचा करबला में फूलों को दफन किया गया करबला में भी मजलिस हुई जिसमें 72 लोगों की शहादत और करबला का वाक्या बयान किया सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े।

प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में फूलपुर के कोतवाल शेषनाथ पाल अपने हमराहियों के साथ उचित इंतजाम किए गए ताकी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

जुलूस कस्बा फूलपुर के मोतवल्ली ब्लॉगत हुसैन उर्फ बल्लन की अगुवाई में सम्पन्न हुआ।

जुलूस में जलालत हुसैन उर्फ शेखू सैयद असकरी रजा जैदी बदरुल हसन जैदी,मंसूर आलम,सैयद इखलाक अहमद,सैयद इलियास अहमद, कैथाने के मोतवल्ली मो असीम, कोहना मोतवल्ली नईम,नई बस्ती मोतवल्ली अख्तर,मोबासिर उर्फ रिजवान जैदी ,रेहान जैदी , एहसान हुसैन,सभासद मो दानिश , इस्लाह अहमद बबलू,सेराज अंसारी, असद मेंहदी,हैदर अब्बास नजम , अब्दुल्ला मेंहदी,खुर्शीद अकबर, मुमताज़ अहमद,खुर्शीद अकरम,मो कामिल,इमरान आमिर,मो फुरकान, अशफी,तनवीर,जैमी,रेहान जैदी, शाहमुहिउद्दीन उर्फ चन्द्रू, फहद, महफूज़, तौसीफ,साहिल, नौशाद अहमद, शाह सलमान, शोएब, अशरफ, अजमी, आदिल, फजल उर्फ बाबू, सैयद जाकिर उर्फी, कैफ आदि लोग शामिल रहे।

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