
वाराणसी। आर्य समाज के 150वें स्थापना के वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में पूर्वी उत्तर प्रदेशीय सनातन वैदिक धर्म महोत्सव एवं आर्य महासमागम का शुभारंभ भैसासुर घाट निकट पर यज्ञ व ध्वजारोहण से हुआ। प्रातः कालीन सत्र में प्रवचन, व्याख्यान, भजन का कार्यक्रम आचार्या दिव्य किरण के ब्रह्मत्व तथा पाणिनि कन्या महाविद्यालय की ब्रह्मचारिणियों के मंत्र पाठ द्वारा सुख समृद्धि तथा राष्ट्रोन्नति हेतु यज्ञानुष्ठान का आयोजन हुआ जिसमें मानवता एवं राष्ट्र-हित हेतु सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में समतामूलक समाज के पुनर्सृजन के पवित्र उद्देश्य से मध्यकालीन इतिहास में उपेक्षित वर्गों-वर्णों के यजमान के रूप में तिलमापुर के प्रधान चन्द्र शेखर व सुमन सहित कृष्ण कुमार, कर्णिका, माधुरी रानी, रवि प्रकाश व यशोदा बरनवाल को मुख्य यजमान के रूप में प्रतिष्ठित किया गया । भजनोपदेशक कैलाश कर्मठ व अमृता आर्या ने सुमधुर ईश्वर-भक्ति के गुणों के भजन प्रस्तुत किएं। यज्ञ के पश्चात सम्पूर्ण आयोजन के अध्यक्ष स्वामी वेदामृतानन्द, स्वामी नरेंद्र देव, स्वामी समानन्द सरस्वती, महात्मा चन्द्रमुनि ने ओ३म् ध्वजारोहण करके तीन दिवसीय वृहद कार्यक्रम का शुभारंभ किया । इस कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार, ज्ञान प्रकाश वैदिक, आर्य वीर दल के संचालक पंकज आर्य व विवेक आर्य, आचार्य सुमित, हेमन्त आर्य, वेद प्रकाश बृजवासी, सुरेन्द्र कश्यप, विवेक, राकेश श्रीवास्तव, सुरेश, संजय बरनवाल, सुनिल जायसवाल, सीए विष्णु प्रसाद, अशोक त्रिपाठी, संतोष उर्फ अभय स्वाभिमानी, सुभाष सिंह, डॉ. शम्भू नाथ शास्त्री, अखिलेश, विजय, चन्द्रपाल, चन्द्रदीप, सत्येन्द्र आर्य, अनिता आर्या आदि थे। संचालन प्रमोद आर्य ‘आर्षेय’ प्रधान ने किया व धन्यवाद ज्ञापन रवि प्रकाश आर्य मंत्री ने किया।
