अनुशासनहीनता के आरोप में इलेक्ट्रिशियन का रोका वेतन  

 

वाराणसी। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में वुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.संदीप चौधरी के औचक निरीक्षण के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। सीएमओ ने अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन वकील अहमद से इस बात पर नाराजगी जताई कि वह विगत दिनों सचिव के निरीक्षण के दौरान उनके साथ क्यों घूम रहे थे। जब वकील अहमद ने जवाब दिया कि ‘मेरा काम है, इसलिए मैं साथ में था,’ तो सीएमओ ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ा रुख अपनाया। सीएमओ ने मौके पर मौजूद सीएमएस को निर्देश दिया कि इलेक्ट्रिशियन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस पर इलेक्ट्रिशियन वकील अहमद ने बेहद चौंकाने वाली प्रतिक्रिया दी कहा कि यदि मेरी गलती है तो एफआईआर करा दीजिए। इससे पहले भी मेरे खिलाफ चार-पांच एफआईआर हो चुकी है, एक और सही। इस घटना के बाद सीएमएस ने कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का हवाला देते हुए वकील अहमद की टिप्पणी और आचरण को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना। सीएमओ के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से संबंधित कर्मचारी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है तथा तीन कार्य दिवसों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश जारी है।

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