वाराणसी। महानगर के तेलियाबाग अथर्व फेमिली सभागार में निर्भीक -नयन काव्य संगम एवं आइडियल इण्डिया साहित्यिक सांस्कृतिक सन्देश – 2025 का विमोचन समारोह अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संस्थापक एवं काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन/ संचालन में दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राम अवतार पाण्डेय एडवोकेट के अध्यक्षता में प्रयागराज के पूर्व जिला जज एवं अंतर्राष्ट्रीय गज़लकार डॉ. चन्द्रभाल सुकुमार, काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल एवं कुलपति डॉ. संभाजी राजाराम बाविस्कर, गंगा सहाय पाण्डेय, प्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश, डॉ.सुबाष चन्द्र,पं. कमलाकांत उपाध्याय, उप कुलपति कवि गिरीश पाण्डेय काशिकेय, ओमप्रकाश पाण्डेय निर्भय के संरक्षण में अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के राष्ट्रीय महासचिव कवि सिद्धनाथ शर्मा के संचालन में दो सत्रों में संपन्न हुआ।

प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. राजेश कुमार गौतम – निदेशक -आकाशवाणी वाराणसी ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण के उपरांत आइडियल इण्डिया साहित्यिक- सांस्कृतिक सन्देश-2025 के आवरण पृष्ठ का विमोचन करने के बाद उन्होंने कहा कि – बेख़ौफ़ निर्भीक होकर रखें नयन, प्रफुल्लित होकर निष्पक्ष होकर हम -सब अपने जिम्मेदारियों का करें निर्वहन जिससे मानव जीवन सार्थक हो।

द्वितीय सत्र कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रमोद वाचस्पति सलिल जौनपुरी ने कहा कि काव्य – आइडियल इण्डिया का साहित्यिक- सांस्कृतिक सन्देश, हर-जन -जन को जागृत रखे, रहे कहीं ना राग द्वेष,सुर,लय,ताल को झंकृत करे,रहे कहीं ना क्लेश,

आयोजन के अध्यक्ष डॉ. राम अवतार पाण्डेय एडवोकेट – पूर्व अध्यक्ष दी सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी ने कहा कि ज़िन्दगी को जीना है तो खुशी से जियो, गमों को भुलाकर आपसी प्रेम परस्पर बढ़ाकर जियो, पीना है गर कुछ ज्यादा तो क्रोध को कम करके अश्कों को पियो।

मां सरस्वती का वन्दना कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक ने आव हो वीणा वाली,आव हंस वाहिनी, श्री शिव वंदना डॉ. प्रज्ञा श्रीवास्तव, सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध ने – नव नगद ना तेरह उधार चाहिए,आपका मुझे तो बस प्यार चाहिए, गिरीश पाण्डेय काशिकेय ने – हम सब गमों को भुला करके चलते – चले जायें, डॉ. शिव प्रकाश साहित्य ने – हम सब रखें उसी से वास्ता,जो जम कर करवायें भोजन – नाश्ता, विजय कान्त त्रिपाठी ने निर्भीक -नयनतारा की जोड़ी अदभुत अजीब है, इक दूजे के प्रति समर्पित, खुशनसीब है,डॉ.सुबाष चन्द्र ने – ज़िन्दगी जीने के लिए खुश रहना चाहिए,लाख आये मुसीबत पर उससे ज्यादा दुखी नहीं होना चाहिए,भारत भूषण ने ज़िन्दगी गीत -गजल बन जाये, खुश रहें, खुशी से मुस्कुरायें,मणिबेन द्विवेदी ने युगों -युगों का रिश्ता होता है दो दिलों का,झरना मुखर्जी ने – टुकड़ों में बिखरना नहीं, जुड़ना है ज़िन्दगी, सूर्य प्रकाश मिश्र ने कौआ पुराण सुनाकर गुदगुदाया, कुमार महेन्द्र ने ग़ज़ल सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया, विदुषी सालाना ने तरन्नुम सुनाकर श्रोताओं को खूब झुमाया, नयनतारा तिवारी ने – नारी का भाग्य भगवन्, तूने कैसा बनाया है, संगीता श्रीवास्तव ने – जियरा में उठत हुलास बा, निर्भीक -नयन काव्य संगम में भईया भाभी क छत्तीसवां वैवाहिक वर्षगांठ बा ना, बुद्धदेव तिवारी ने दो जोड़ो का मिलन अदभुत अनोखा होता है, कभी खुशी तो कभी-कभी ग़म से भी भरा होता है, कानपुर की प्रख्यात शिक्षाविद् क्षमा देवी ने -मन अंतरंग को गुदगुदाने के लिए, खुले मन से गीत,ग़ज़ल, कविता गुन – गुनाना चाहिए,चिंतित बनारसी ने – दिलों दिमाग को रौशन जनाब रखते हैं,अनुज प्रताप सिंह अनुज ने – हास्य रस काव्य से सराबोर कर दिया, अंजलि श्रीवास्तव ने दो दिलों के मिलन को ना आजमाना चाहिए,इक दूजे के क़दम को कदम से मिलाकर बढ़ाना चाहिए, श्वेता श्रीवास्तव ने भी काव्य रस की बौछार किया। भोजपुरी गायक राकेश चौबे संगम ने- ओ साथी रे, छोड़ेंगे ना हम साथी रे,साथ तेरा सुनाकर वाहवाही लूटा। नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता ने – सुन लो ओ पाकिस्तान अपनी नापाक हरकत से बाज़ आओ वरना हम सब तेरे देश का नामोनिशान मिटा देंगे…जय हिन्द,जय भारत।

कानपुर निवासी और बहराइच में शिक्षिका के रुप में सेवारत कवयित्री क्षमा देवी को काशी हिन्दी विद्यापीठ के उप कुलपति डॉ.गिरीश पाण्डेय काशिकेय सहित अनेकों विशिष्ट जनों ने डाक्ट्रेट मानद समतुल्य विद्या – वाचस्पति विशेष मानद सम्मान -2025 भेंट किया गया।

कुलसचिव कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक एवं उनकी धर्मपत्नी नयनतारा तिवारी ने क्षमा देवी को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह आदि भेंट करके विशेष रूप से सम्मानित किया।

आयोजन के अन्त में कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक एवं उनकी धर्मपत्नी के 36 वें वैवाहिक दाम्पत्य सूत्र बंधन दिवस के अवसर पर माल्यार्पण, बुकें और अनेकों प्रकार का उपहार और शुभकामना भी दिया।

स्वागत संरक्षक के रुप में अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रमोद वाचस्पति सलिल जौनपुरी, राष्ट्रीय महासचिव कवि सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध, प्रदेश अध्यक्ष कवि नन्दलालमणि त्रिपाठी एवं महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष लोक गायिका अनीता मिश्रा ने अपने – अपने संबोधन के दौरान कहा कि निर्भीक -नयन का समर्पित भाव और सदैव तत्परता का भाव मानव समाज के सभी क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए समर्पित है।जो अब तक लगभग तीन हजार से ज्यादा अनेकों आयोजनों का निरंतर क्रम स्पष्ट प्रमाण है। आइडियल इण्डिया साहित्यिक- सांस्कृतिक सन्देश के जून अंक -2025 के आवरण पृष्ठ के विमोचन के उपरांत कवियों/ कलाकारों के लिए समर्पित भाव भी काबिले तारीफ है।

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