वाराणसी।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र, बीएचयू, वाराणसी में “डेवलपिंग मूक्स एंड एंगेजिंग डिजिटल कंटेंट” विषय पर छः दिवसीय लघु अवधि कार्यक्रम के समापन सत्र का आयोजन शनिवार को आई.यू.सी.टी.ई. परिसर में हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलाचरण व मां सरस्वती तथा महामना मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस विकास में व्यावहारिक प्रशिक्षण और सैद्धांतिक आधार प्रदान करने, डिजिटल सामग्री निर्माण करने, ऑनलाइन शिक्षण के वातावरण निर्माण करने और डिजिटल सामग्री निर्माण के लिए प्रासंगिक उपकरणों और प्लेटफार्मों के साथ दक्षता प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. गौरव सिंह, सी.आई.ई.टी., राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद्, नई दिल्ली रहे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. आशीष श्रीवास्तव, संकाय प्रमुख (शिक्षण एवं शोध) ने की।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. गौरव सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षा में समता व समावेशन के लिए उच्च शिक्षा के सभी हितधारकों को कड़ी मेहनत की जरूरत है। इसके लिए शिक्षकों को मैसिव ओपन एंड ऑनलाइन कोर्सेस की तरफ अपने कदम बढ़ाने होंगे जिससे नीति में निहित लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव हो सकेगा।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज और रोचक डिजिटल सामग्री की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये न केवल शिक्षकों के लिए नवीन शैक्षिक संसाधन प्रदान करते हैं, बल्कि छात्रों की सहभागिता, समझ और कौशल विकास में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

कार्यक्रम के अंतिम दिन कुल तीन सत्रों का आयोजन हुआ जिसमें प्रथम सत्र में आई.यू.सी.टी.ई. के सहायक आचार्य डॉ. राजा पाठक ने ‘क्रिएटिंग ऑडियो/पॉडकास्ट यूजिंग जनरेटिव एआई’ विषय पर बताते हुए ऑडियो व पॉडकास्ट निर्माण पर हैंड्स-ऑन कराया। अगले दो सत्रों में एन.सी.ई.आर.टी., दिल्ली के प्रो. गौरव सिंह ने ‘कोलाबोरेटिव कंटेंट क्रिएसन टूल्स’ व ‘ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस फॉर डेवलपिंग लर्नर-सेंट्रिक मूक्स’ पर विभिन्न टूल्स के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थी केन्द्रित विषयवस्तु के निर्माण पर प्रतिभागियों से अभ्यास कार्य कराया।

इस छः दिवसीय लघु अवधि कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उतर प्रदेश, उत्तराखंड सहित 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से 48 प्रतिभागियों ने ‘मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस’ के विकास के विभिन्न पहलुओं का अभ्यास किया । इस लघु अवधि कार्यक्रम में केंद्र के प्रो. अजय कुमार सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. कुशाग्री सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ. राज सिंह, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी, डॉ. अनिल कुमार सहित शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. दीप्ति गुप्ता तथा सह-समन्वयन डॉ. राजा पाठक व धन्यवाद डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किया ।

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