
वाराणसी। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम सेवा पर्व के अंतर्गत बुधवार को केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में मेरे सपनों का सुनहरा भारत विषय पर पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. महेंद्र पांडेय (पूर्व कैबिनेट मंत्री, भारत सरकार) ने कहा कि
मेरे सपनों का भारत वह है जहाँ शिक्षा, खेल, समानता आदि हर पहलू में विकास हो और अपनी पूरी क्षमता को प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध हों। यह एक ऐसा देश है जहाँ सभी संस्कृतियाँ और सभी पृष्ठभूमि के लोग सौहार्दपूर्ण ढंग से एक साथ आते हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवा भी सभी के लिए बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध है। यही मेरे सपनों का भारत है। विशिष्ट अतिथि मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि सेवा पर्व का मूल उद्देश्य विकसित भारत के दृष्टिकोण से प्रेरित राष्ट्रव्यापी उत्सव मनाना है, जिसमें सेवा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक गौरव पर विशेष जोर दिया गया है। यह पर्व 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती पर संपन्न होगा। जो सेवा और विकास के मूल्यों का प्रतीक है।
अध्यक्षता करते हुए संस्थान के कुलपति प्रो. डब्ल्यू डी नेगी ने कहा कि सेवा पर्व नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनमें सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। इससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है तथा नागरिक राष्ट्र निर्माण में रचनात्मक योगदान देते हैं।
इस अवसर पर प्रो. मंजुला चतुर्वेदी (पूर्व अध्यक्ष, चित्रकला विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) और प्रो. रीता सिंह (प्राचार्य, महिला महाविद्यालय बीएचयू ) ने भी अपने विचार साझा किए। संचालन उपकुलसचिव हिमांशु पांडेय, धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने प्रस्तुत किया।
पेंटिंग कार्यशाला में शहर भर से लगभग 650 छात्रों ने प्रतिभाग कर अपनी कला के माध्यम से सुनहरे भारत का चित्रण किया। सेवा पर्व के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों में पर्यावरणीय चेतना बढ़ाना और स्वच्छ-सुंदर परिवेश का निर्माण करना है।
