विशेष संवाददाता, नज़र न्यूज नेटवर्क 

वाराणसी। केन्द्रीय कारागार में न्यायाधीश जिला एवं सत्र न्यायालय, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की सभी सर्किलों, अस्पताल की साफ-सफाई तथा भोजनालय की स्वच्छता का जायजा लिया। व्यवस्थाओं को देखकर सभी अधिकारी संतुष्ट नजर आए। निरीक्षण उपरांत उच्चाधिकारी कारागार में निरूद्ध बन्दियों द्वारा आयोजित रामलीला में सम्मिलित हुए। न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने रामलीला मंच पर भगवान श्रीराम के चित्र पर माला एवं पुष्प अर्पित किए। इस दौरान जिलाधिकारी ने रामलीला मंच से संबोधित करते हुए कहा कि “जैसे माता कैकई की आज्ञा पर भगवान श्रीराम बिना किसी शंका के वनगमन को तैयार हो गए, वैसे ही यदि आज हर पुत्र अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करे और हर भाई भरत की तरह त्याग एवं बलिदान की भावना रखे तो भारतवर्ष में पुनः रामराज्य की स्थापना संभव है।”

उच्चाधिकारियों ने कारागार प्रशासन एवं बन्दियों की सराहना करते हुए रामलीला आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। रामलीला के चौथे दिन कैकेई कोप भवन तथा राम वनगमन की भावपूर्ण लीला का मंचन किया गया। लीला में दर्शाया गया कि जनकपुर से चारों वर-दुल्हन बिदा होकर अयोध्या आते हैं। महाराज दशरथ भगवान राम के राज्याभिषेक का प्रस्ताव रखते हैं, जिससे अयोध्या उत्सवमय हो जाती है। देवताओं के संकेत से मंथरा रानी कैकयी की बुद्धि भ्रमित करती है और राजा दशरथ से राम के वनवास तथा भरत के राज्याभिषेक का वरदान दिलवाती है। यह सुनकर पूरी अयोध्या शोकाकुल हो जाती है। किन्तु पिता के वचन और माता की आज्ञा का पालन करते हुए श्रीराम वनगमन के लिए तैयार हो जाते हैं। माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का निर्णय लेते हैं।

आज की रामलीला में निषादराज भेंट एवं केवट मिलन प्रसंग की लीला का मंचन किया जाएगा।

इस अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, चिकित्साधिकारी अभिषेक सिंह, जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, किशन सिंह वल्दिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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