
(राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन)
वाराणसी।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी द्वारा ‘पंच परिवर्तन एवं भविष्य का भारत’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित यह संगोष्ठी 02 एवं 03 फरवरी, 2026 को कॉलेज के स्व. पी.एन. सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित होगी। शनिवार को कॉलेज परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उक्त जानकारी देते हुए महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने बताया की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर से ना सिर्फ विद्वान आयेंगे बल्कि देश के सभी राज्यों से 200 से ज्यादा प्रतिभागी शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया की संगोष्ठी का शुभारंभ प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय समन्वयक जे. नन्द कुमार जी बतौर मुख्य अतिथि करेंगे। अध्यक्षता दक्षिण एशिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. के. के. अग्रवाल करेंगे। विशिष्ट अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकण्ठ तिवारी होंगे। समापन सत्र में झारखण्ड केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. जे.पी. लाल, इग्नू के भूतपूर्व कुलपति प्रो. नागेश्वर राव, आरएसएस के काशी प्रान्त प्रचारक रमेश जी बतौर अतिथि शामिल होंगे।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. शान्तनु सौरभ ने बताया की इसके अलावा विभिन्न सत्रों में प्रज्ञा प्रवाह के केन्द्रीय समिति के सदस्य रामाशीष जी, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, यागी, पूर्वाचंल पूर्वाचंल विवि, विवि, जौनपुर की की कुलपति प्रो. वन्दना सिंह, जननायक चन्द्रशेखर विवि, बलिया के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, आईयूसीटीयू टीयू के निदेशक प्रो. पी.एन.सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम यादव, इक्यूिप ग्रुप के निदेशक शक्तिधर सुमन, जीबी पन्त संस्थान, प्रयागराज के निदेशक प्रो. योगेन्द्र सिंह, प्रो. एच.के. सिंह (बीएचयू), प्रो. एस. के. दूबे, प्रो. आर.एस दूबे, प्रो. धर्मेन्द्र सिंह, प्राचार्य यूपी कॉलेज, प्रो. बन्दना झा (जेएनयू), प्रो. अजय कुमार सिंह पूर्व कुलपति, प्रो. पी.के. मिश्रा, प्रो. टीपी सिंह, दीनदयाल जी (आरएसएस) सहित 4 दर्जन से अधिक अकादमिक विद्वान इस संगोष्ठी में विचार रखेंगे। महाविद्यालय के प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव विशिष्ट रूप से उपस्थित रहेंगे।
सह समन्वयक डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि अभी तक 200 से ज्यादा शोधपत्र आ चुके है जिसमें खासबात यह है कि इसमें देश के सभी राज्यों से शोधपत्र आयें है जो अत्यन्त हर्ष का विषय है। उन्होंने यह भी बताया की संगोष्ठी में संघ के पाँच प्रमुख आयाम सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य बोध विषय पर कुल 12 सत्र आयोजित किये जायेंगे।
इस क्रम में प्रो. मिश्रीलाल ने बताया की फरवरी माह पर्यन्त कई विशिष्ट आयोजन होंगे, जिसमें अंग्रेजी विभाग के छात्र मंच लौरिएट द्वारा 31 से 9 फरवरी तक नक्षत्र लिटरेचर फेस्टिवल अयोजित किया जायेगा। इसके उपरान्त 13,14 एवं 16 फरवरी को युवा महोत्सव उड़ान का अयोजन किया जायेगा। पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन, प्रो. राहुल, आईक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारूल जैन, सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. तरू सिंह उपस्थित रही।
