वरिष्ठ जीएसटी सलाहकार विजय अग्रवाल ने कहा बजट संतुलित के साथ कठिन है

वाराणसी। वरिष्ठ जीएसटी सलाहकार विजय अग्रवाल ने बजट 2026 पर अपने विचार रखते हुए बताया कि यह बजट यह बजट संतुलित होने के साथ-साथ कठिन भी है।बजट 2026 नौकरीपेशा लोगों को टैक्स में राहत देता है और निवेशकों के लिए कुछ सख्त नियम लाता है। इसमे कई बड़े ऐलान हुए हैं ।

उन्होंने कहा यह जानना ज़रूरी है कि इस बजट से किस किस को राहत मिलेगी और किसे लगेगा झटका

उन्होंने कहा कि बजट 2026 में F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ने से निवेशकों को झटका लगा है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को टैक्स नियमों में राहत मिली।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को आम बजट पेश किया। इस बार का बजट महिलाओं, युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और निवेशकों, सबके लिए अलग-अलग घोषणाओं से भरा हुआ था। कुछ फैसलों से जहां सैलरी क्लास को राहत मिली है, वहीं शेयर बाजार के एक खास सेगमेंट में निवेश करने वालों को झटका भी लगा है।

बजट 2026 में शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग को लेकर किया गया है। सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस दोनों पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने की बात कही गई है। विदेशी निवेशकों के लिए नई सुविधा होगी भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों (PROI) को अब पोर्टफोलियो निवेश योजना के जरिए भारतीय कंपनियों में निवेश की मंजूरी मिलेगी।

व्यक्तिगत निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% और कुल निवेश सीमा 10% से बढ़ाकर 24% करने का प्रस्ताव है।

शेयर बायबैक से होने वाले मुनाफे पर अब सभी शेयरधारकों को कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा। कंपनी प्रमोटर्स को अतिरिक्त बायबैक टैक्स भी देना होगा।

न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) को ‘अंतिम कर’ बनाया गया है और इसकी दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। मामूली शुल्क देकर टैक्सपेयर्स इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। शिक्षा और मेडिकल खर्च पर विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर लगने वाला TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।

विदेश यात्रा पैकेज पर भी TCS दर घटाकर 2% कर दी गई है, जो पहले 5-20% थी। छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया लागू होगी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाले मुआवजे को टैक्स से छूट दी जाएगी।1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू होगा, जो पुराने कानून की जगह लेगा ।

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