
वाराणसी। उदय प्रताप कालेज प्राचीन छात्र अधिवक्ताओं संघ की बैठक के दौरान वक्ताओं ने पूज्य राजर्षि के आदर्शों, मूल भावना और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ इन मूल्यों के प्रति जागरूकता कम होती जा रही है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। वक्ताओं ने बताया कि राजर्षि द्वारा स्थापित सिद्धांत समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं और इन्हें आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन आदर्शों से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम और संवाद आवश्यक हैं। बैठक में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर राजर्षि के विचारों और संस्थागत पहचान को सहेजने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इन मूल्यों को सुरक्षित रखा जा सकता है। अंत में सभी ने समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संचालक आनंद विजय ने किया। इस अवसर पर व्योमेश चित्रांश, रघुवंशी, नन्हें , देव गौतम, भूपेंद्र सिंह, महेश्वर सिंह, अजय सिंह, रितेश सिंह सोनू समेत एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राम सुधार सिंह,महेन्द्र प्रताप सिंह, यादवेन्द्र गोविंद राव आदि थे।
