‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से बीज उत्पादन, स्टॉक प्रबंधन एवं विक्रय‘

 

 

वाराणसी। शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में कृषकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बीज व्यवसाय को डिजिटल, पारदर्शी एवं ट्रेसिबल बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से 10 मई से बीज उत्पादन, स्टॉक प्रबंधन, स्थानांतरण एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जा रही हैं।

प्रदेश एवं जनपद के कृषि विश्वविद्यालयों तथा अभिजनक बीज उत्पादक संस्थानों द्वारा अभिजनक बीज का उत्पादन एवं विक्रय साथी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। कृषि, पशुपालन, उद्यान विभाग, उ0प्र0बीज विकास निगम एवं अन्य संबंधित संस्थायें आवश्यक बीजों के सापेक्ष अभिजनक बीज की मांग भी इसी पोर्टल के माध्यम से प्रेषित करेंगी। सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी संस्थाएं, निगम, निजी फर्म/कंपनियां एवं एफपीओ को उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीकरण कराकर साथी पोर्टल के माध्यम से बीज उत्पादन करना होगा, जिन्हें बीज उत्पादक एजेंसी (एस.पी.ए.)के रूप में मान्यता दी जाएगी। उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा फसल पंजीयन, क्षेत्र निरीक्षण, निरीक्षण रिपोर्ट, बीज वर्ग एवं श्रोत सत्यापन, सैम्पलिंग, परीक्षण रिपोर्ट, टैग एवं प्रमाणपत्र जारी करने की समस्त प्रक्रिया डिजिटल रूप से पोर्टल पर संपादित की जाएगी। बीज प्रसंस्करण संयंत्रों पर बीज की आवक, प्रसंस्करण, पैकिंग, लॉट निर्माण एवं नमूना ग्रहण की प्रविष्टियां साथी पोर्टल पर अनिवार्य होंगी, साथ ही भौतिक रजिस्टर भी रखा जाएगा। बीज उत्पादक एजेंसी द्वारा स्टॉक स्थानांतरण, विक्रय एवं वापसी केवल साथी पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी तथा अपंजीकृत डीलर/डिस्ट्रीब्यूटर के साथ बीज व्यवसाय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

जनपद के समस्त डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर, बीज विक्रेता, सहकारी एवं सरकारी बीज विक्रय केंद्रों का साथी पोर्टल पर ऑन-बोर्ड होना अनिवार्य है। किसान स्तर तक के सभी लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड पोर्टल पर रखा जाएगा। पोर्टल पर प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968, बीज नियंत्रण आदेश 1983 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। ट्रुथफुल (टी.एल.सीड) बीज का स्टॉक प्रबंधन एवं विक्रय भी साथी पोर्टल के रैपिड/होलिस्टिक मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा। सभी बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी साथी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। कृषकों को साथी पोर्टल से बीज क्रय करने हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने जनपद के सभी विक्रेताओं को ऑन-बोर्ड कराने तथा पोर्टल के माध्यम से बीज विक्रय सुनिश्चित कराने के लिए उत्तरदायी होंगे। राज्य स्तर पर उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) के निर्देशन में मॉनिटरिंग/हेल्पलाइन सेल गठित किया जाएगा, जिसकी जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। सभी बीज उत्पादक, वितरक संस्थाएं, सरकारी/निजी फर्म, कंपनियां एवं एफपीओ को साथी पोर्टल के माध्यम से ही बीज व्यवसाय करना अनिवार्य होगा। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। समस्त संबंधित संस्थाओं एवं बीज विक्रेताओं से अपील की है कि वे शीघ्र साथी पोर्टल पर पंजीकरण कर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, जिससे कृषकों को गुणवत्तायुक्त बीज पारदर्शी व्यवस्था के तहत उपलब्ध हो सके।

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