
वाराणसी।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुनर्वसु आत्रेय छात्रावास, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया।
छात्रावास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
निदेशक डॉ. एस. एन. सांखवार ने बरगद का पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया और हरित भविष्य के प्रति बीएचयू की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रावास प्रशासन तथा विद्यार्थियों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
आधुनिक चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. एस. के. गुप्ता ने शहरी हरियाली के पर्यावरणीय एवं जनस्वास्थ्य संबंधी लाभों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक संस्थानों में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
आयुर्वेद संकाय के अधिष्ठाता डॉ. पी. के. गोस्वामी ने पर्यावरण संरक्षण की भारतीय प्राचीन परंपराओं को आधुनिक संरक्षण प्रयासों से जोड़ते हुए सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्रावास समन्वयक प्रो. जे. पी. सिंह ने पर्यावरण जागरूकता के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को सतत विकास से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
यह वृक्षारोपण अभियान छात्रावास के प्रशासनिक अधीक्षक प्रो. बी. राम तथा वार्डन डॉ. वेद प्रकाश के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर नवीन जी, दंत चिकित्सा संकाय भी उपस्थित थे।परिसर के विभिन्न स्थानों पर कई देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे हरित वातावरण को बढ़ावा मिले और जैव विविधता को संरक्षण प्राप्त हो।
प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन छात्रावास परिसर के विभिन्न स्थलों पर पौधों के वितरण एवं रोपण के साथ हुआ, जिससे एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया।











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