
वाराणसी। हनुमान फाटक, नवपुरा निवासी युवा विद्वान एवं शोधकर्ता डॉ. रौशन सिंह का बहुप्रतिष्ठित Indian Institute of Advanced Study (IIAS), राष्ट्रपति निवास, शिमला में फेलो डिजिग्नेट (Fellow Designate) के रूप में चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि काशी एवं संपूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. रौशन सिंह भारतीय दर्शन एवं संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में सक्रिय रूप से शोधरत हैं।अपनी प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा के क्रम में स्नातक (बी.ए.) तथा स्नातकोत्तर (एम.ए.) की शिक्षा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी से प्राप्त की है। इसके उपरांत उन्होंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) से पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के संस्कृत अध्ययन केन्द्र से पोस्ट डॉक् कर रहें हैं।
अपनी इस सफलता पर डॉ. रौशन सिंह ने इसे भगवान श्री काशी विश्वनाथ, मां विंध्यवासिनी की कृपा, अपने गुरुजनों के आशीर्वाद तथा अपनी माता श्रीमती कुमकुम देवी के त्याग, संघर्ष और प्रेरणा का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि जीवन में प्राप्त प्रत्येक उपलब्धि के पीछे माता-पिता के संस्कार, गुरुजनों का मार्गदर्शन और ईश्वर की अनुकंपा का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
इन के चयन से परिवार एवं क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। भारतीय नौसेना में कार्यरत इनके बड़े भाई गौरव कुमार सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
जिला न्यायालय में अधिवक्ता इनके चाचा जितेन्द्र सिंह, ने कहा कि यह सफलता युवाओं को शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। उनके पिता श्री सत्यनारायण सिंह तथा बाबा श्री राम एकबाल सिंह ने भी अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. रौशन सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।












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