
वाराणसी। बाबू जगत सिंह शोध समिति के प्रतिनिधिमंडल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सारनाथ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, शोध गतिविधियों के विस्तार तथा भारतीय संस्कृति के संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। समिति के संरक्षक प्रदीप नारायण सिंह ने कहा कि सारनाथ विश्व धरोहर के रूप में भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके इतिहास और पुरातात्विक महत्व पर गंभीर शोध एवं संरक्षण की आवश्यकता है। कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर डॉ. (मेजर) अरविंद कुमार सिंह, मनीष खत्री, राजेंद्र दुबे, केदारनाथ तिवारी, शमीम तथा विकास यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि बीएचयू के सहयोग से सारनाथ एवं काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर शोध कार्यों को नई दिशा मिलेगी।












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