चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री को 21 सूत्री मांगों का भेजा ज्ञापन

रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय 

 

आजमगढ़। जिले में उत्तर प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ का प्रांतीय सम्मेलन रविवार को प्रांतीय अध्यक्ष जी.के. शर्मा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन के दूसरे चरण में महासंघ ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को संबोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह ने कर्मचारियों द्वारा उठाई गई मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार को इस पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने की सीख दी। प्रांतीय अध्यक्ष जी.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नई भर्ती तत्काल शुरू की जाए, मृतक आश्रितों को सेवा में लिया जाए, सचिवालय की तर्ज पर सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ₹1900 ग्रेड पे दिया जाए और प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने लखनऊ स्मारक समिति के लगभग 4000 कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ, सीपीएफ तथा मृतक आश्रितों को राहत प्रदान करने की मांग रखी।प्रांतीय संरक्षक मुन्नू लाल रावत, फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप पांडेय, पीडब्ल्यूडी लखनऊ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव तथा वाराणसी के जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। वक्ताओं ने आउटसोर्सिंग व संविदा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए आंगनबाड़ी, आशा और रसोइया कार्यकर्ताओं को ₹30,000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन एवं राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। सम्मेलन में मंडल अध्यक्ष पंकज सिंह, मंडल मंत्री किरण यादव, आजमगढ़ जिलाध्यक्ष नारायण प्रसाद, जिला मंत्री यमुना गौड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश शर्मा समेत भारी संख्या में प्रदेश और मंडल स्तर के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के. यादव एवं जगदीश शर्मा ने किया।

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