वाराणसी ।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के संस्कृत विद्या विभाग द्वारा भारतीय चिंतन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं समकालीन वैचारिक विमर्श को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा रचित कालजयी ग्रन्थ “मार्क्सवाद और रामराज्य” की समसामयिक सन्दर्भों में उपयोगिता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 01 जुलाई 2026 (बुधवार) को अपराह्न 1:00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित योगसाधना केन्द्र में किया जाएगा।
संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में परमपूज्य स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी उपस्थित रहेंगे, जबकि प्रख्यात विचारक श्री रोहित कुमार सिंह मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम का संयोजन संस्कृत विद्या विभाग के डॉ. रविशंकर पाण्डेय द्वारा किया जा रहा है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में स्वामी करपात्री जी के वैचारिक अवदान, भारतीय शासन-दर्शन में रामराज्य की अवधारणा तथा मार्क्सवाद के साथ उसके दार्शनिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विमर्श का समसामयिक परिप्रेक्ष्य में गंभीर विश्लेषण किया जाएगा। विद्वानों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारतीय जीवन-दर्शन एवं मूल्याधारित सामाजिक व्यवस्था की प्रासंगिकता पर यह संगोष्ठी महत्वपूर्ण विमर्श का मंच सिद्ध होगी।
संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के आचार्यगण, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा विभिन्न शिक्षण एवं सामाजिक संस्थाओं के विद्वानों की सहभागिता रहेगी। यह आयोजन भारतीय ज्ञान-परम्परा एवं राष्ट्रचिंतन के महत्वपूर्ण आयामों पर सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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