
हमीरपुर।विकास खण्ड कुरारा अंतर्गत ग्राम हरौलीपुर की प्रतिभाशाली छात्रा संगम शुक्ला, को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के 44 वां दीक्षांत समारोह में आचार्य (रामानुजवेदान्त) परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त होने पर उतर प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने तीन स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया।
ज्ञातव्य हो कि संगम शुक्ला के पिता राजेश शुक्ला एवं माता माधुरी शुक्ला हैं।
विश्वविद्यालय के भव्य दीक्षान्त समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीया राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनन्दीबेन पटेल तथा उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संगम शुक्ला को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए रामकुवर बांगड़ सुवर्ण पदक, श्री चन्दन बहिन माधोसिंह परमार सुवर्ण पदक तथा श्री स्वामी माधवाचार्य सुवर्ण पदक, इन तीन प्रतिष्ठित स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
एक ही विषय में तीन स्वर्ण पदक प्राप्त करना अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
यह सम्मान उनकी असाधारण प्रतिभा, कठोर परिश्रम, अनुशासित अध्ययन तथा गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन का प्रतिफल है।
संगम शुक्ला की उपलब्धि ने हरौलीपुर ग्राम, विकास खण्ड कुरारा तथा सम्पूर्ण हमीरपुर जनपद का मान बढ़ाया है। दीक्षान्त समारोह में सम्मानित होने के उपरान्त उनके माता-पिता, परिवारजनों, गुरुजनों, शुभचिन्तकों एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। ग्रामीणों ने इसे हरौलीपुर एवं सम्पूर्ण हमीरपुर जनपद के लिए गौरव का विषय बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। क्षेत्र के शिक्षकों एवं प्रबुद्धजनों ने कहा कि संगम शुक्ला की सफलता ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि समर्पण, परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प से कोई भी विद्यार्थी उच्चतम शिखर तक पहुँच सकता है। संगम शुक्ला की यह उल्लेखनीय उपलब्धि संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी तथा विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा, भारतीय ज्ञान-परम्परा और संस्कृत अध्ययन के प्रति रुचि एवं उत्साह का संचार करेगी। यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।










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