
वाराणसी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सदस्य राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड उत्तरप्रदेश शासन, सक्षम काशी प्रांत महिला प्रमुख एवं स्वावलंबी पेरेंट्स एसोसिएशन की संस्थापिका राधा सिंह के नेतृत्व में अनाथ बौद्धिक दिव्यांग जनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर राखी बांधकर उनके साथ खुशियां साझा की गईं और उन्हें प्रेम, सम्मान एवं अपनत्व का एहसास कराया गया।
राधा सिंह ने अनाथ बौद्धिक दिव्यांग जनों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखद, सुरक्षित एवं उज्ज्वल जीवन की कामना की। रक्षाबंधन के इस आयोजन में सभी के चेहरों पर खुशी और उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के दौरान राधा सिंह ने उनके साथ समय बिताया और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास किया।
राधा सिंह ने कहा कि अनाथ बौद्धिक दिव्यांग जनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का पर्व नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं, विश्वास, स्नेह और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि स्वावलंबी पेरेंट्स एसोसिएशन लगातार दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए कार्य कर रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग को अनाथ एवं बौद्धिक दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील होकर उनके अधिकारों और आवश्यकताओं के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं तथा सभी को पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन ने समाज में समरसता, करुणा और मानवता का संदेश दिया।
राधा सिंह ने कहा कि अनाथ बौद्धिक दिव्यांग जनों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही रक्षाबंधन जैसे पर्व की सच्ची सार्थकता है। उनके सम्मान, अधिकार और बेहतर भविष्य के लिए ऐसे प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
मौके पर अमरदीप जी विभाग मार्ग प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
पंकज कुमार सिंह प्रचार प्रमुख सक्षम, काशी प्रांत उपस्थित रहे।

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