
वाराणसी।पोषण माह के अवसर पर ‘आहार क्रांति’ पहल के अंतर्गत गोपी राधा स्कूल, रविन्द्रपुरी में कक्षा 8 से 12 तक की लगभग 73 छात्राओं के लिए एक विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. अंशु शुक्ला, गृह विज्ञान की प्रोफेसर, वी.के.एम., कमच्छा रहीं।
उन्होंने रोचक कहानी, प्रश्नोत्तर एवं गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को समझाया कि किशोरावस्था शारीरिक एवं मानसिक विकास की महत्वपूर्ण अवस्था है। उन्होंने बताया कि केवल पर्याप्त कैलोरी लेना ही पर्याप्त पोषण नहीं है, बल्कि प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर और पर्याप्त जल सहित विभिन्न पोषक तत्वों का संतुलित एवं विविध मात्रा में सेवन आवश्यक है।
किशोरियों में आयरन की आवश्यकता, रक्त निर्माण, हड्डियों के स्वास्थ्य तथा स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। छात्राओं को दाल, चना, राजमा, सत्तू, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, मूंगफली, दूध-दही, मौसमी फल आदि को अपने आहार में शामिल करने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।
कार्यक्रम का आयोजन शिक्षिका डॉ. अंजना सिंह ने किया। उन्होंने किशोरियों के लिए सही समय पर पोषण शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता का परिचय कराया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री शिल्पा मिश्रा एवम् श्री रत्नेश का विशेष सहयोग रहा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती नीति जायसवाल, निदेशक डॉ. शालिनी शाह, मुख्य प्रशासक सुश्री स्मृति शाह, उप प्रबंधक डॉ. अभिनव भट्ट तथा उप निदेशक श्रीमती सलोनी शाह ने कार्यक्रम की सराहना की। विद्यालय प्रबंधन ने वर्तमान समय में किशोरियों के बीच वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पोषण शिक्षा की आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताया।
“सही पोषण स्वस्थ शरीर की ही नहीं, बल्कि बेहतर सीखने, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की भी नींव है।”

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