
वाराणसी।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र (आईयूसीटीई), वाराणसी द्वारा “एआई-इन्फ्यूज़्ड इमर्सिव इन्क्वायरी पेडागॉजी वर्कशॉप फॉर फिजिकल साइंस एजुकेटर्स” विषय पर 14-18 सितंबर 2026 तक पाँच दिवसीय ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम प्रो. प्रेम नारायण सिंह, निदेशक, आईयूसीटीई, वाराणसी तथा प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डीन (शैक्षणिक एवं अनुसंधान), आईयूसीटीई, वाराणसी के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।
दूसरे दिन के प्रथम सत्र के वक्ता प्रो. विशाल श्रीवास्तव, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, थापर विश्वविद्यालय तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विशेषज्ञ ने “लेवरेजिंग एआई फॉर कॉन्सेप्चुअल विज़ुअलाइज़ेशन” विषय पर अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को अधिक सहज, दृश्यात्मक एवं अंतःक्रियात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ और सीखने की प्रभावशीलता में वृद्धि होती है। उन्होंने शिक्षा में एआई के विवेकपूर्ण उपयोग, दृश्यांकन आधारित अधिगम तथा आधुनिक डिजिटल साधनों के माध्यम से भौतिक विज्ञान की अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विशेष प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में डॉ. कुशाग्री सिंह, सहायक आचार्य, लाइफ साइंसेज़, आईयूसीटीई ने “डिज़ाइनिंग ब्लेंडेड करिकुला: इंटीग्रेटिंग ओईआर एंड डिजिटल टूल्स” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने मुक्त शैक्षिक संसाधनों (ओईआर) एवं डिजिटल उपकरणों को पाठ्यचर्या में प्रभावी रूप से एकीकृत करने की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए बताया कि मिश्रित अधिगम विद्यार्थियों को कक्षा-अधिगम के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों के माध्यम से स्व-अधिगम, सहयोगात्मक अधिगम एवं निरंतर अधिगम के अवसर प्रदान करता है। उन्होंने उपयुक्त डिजिटल संसाधनों के चयन, पाठ्यचर्या के साथ उनके समन्वय तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक लचीला, सहभागी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के व्यावहारिक पक्षों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
इस पाँच दिवसीय कार्यक्रम में भारतभर से 30 से अधिक प्रतिभागी सहभागिता कर रहे हैं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई द्वारा किया जा रहा है।

Leave a Reply