
वाराणसी। विश्व हिंदू परिषद काशी महानगर कार्यालय में विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया आयोजनों की सांस्कृतिक मर्यादा, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। आयोजकों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक में कहा गया कि गरबा मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा पारंपरिक धार्मिक आयोजन है। कार्यक्रम दुर्गा पंडालों में कराने और रात्रि 10 बजे तक समाप्त करने का आह्वान किया गया। विहिप प्रचार प्रसार विभाग काशी के प्रमुख विपुल कुमार पाठक ने बताया कि सुरक्षा के लिए पंडालों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रवेश द्वार पर जांच और नशे पर पूर्ण प्रतिबंध की बात कही गई। फिल्मी व फूहड़ गीतों के स्थान पर भक्ति एवं पारंपरिक गीत बजाने तथा मर्यादित वेशभूषा रखने पर जोर दिया गया। मां दुर्गा की आरती, तिलक और रक्षासूत्र की व्यवस्था का भी आग्रह किया गया। बैठक में सत्यप्रकाश सिंह, अनीता सिंह, तिलक राज, मनीष मिश्रा, सुधांशु, अमन कबीर, अतुल कुल, विनोद, राजेश मिश्रा, सच्चिदानंद सिंह, विकल्प और आनंद गोस्वामी सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।

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