आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में मना

धन्वंतरि दिवस

वाराणसी। शुक्रवार को डोमरी, रामनगर, स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय मे दीपावली से पूर्व धनतेरस के दिन धन्वंतरि जयंती मनाया गया।

सर्वप्रथम महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा कुलगीत प्रस्तुत किया गया।

भगवान धनवंतरी, मां सरस्वती तथा आचार्य सीताराम चतुर्वेदी जी के चित्र पर मुख्य अतिथि प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी (डीन, आयुर्वेद विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी), महाविद्यालय की निदेशिका एवं पूर्व कुलपति, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया, प्रो. कल्पलता पांडेय तथा महा विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय शंकर मिश्र ने माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्य अतिथि प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि हाथों में कलश लिए समुद्र में से प्रकट हुए थे। वह भगवान विष्णु के अंश माने जाते हैं। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का देवता भी कहा जाता है।

उन्होंने आयुर्वेद के महत्व को विस्तृत रूप से समझाया तथा इसके लाभ को बताया। आज के समय में लगभग हर किसी को स्वास्थ्य की कोई न कोई परेशानी है। आयुर्वेद के द्वारा इन सभी परेशानियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

अध्यक्षता करते हुए प्रो. कल्पलता पांडेय जी ने कहा भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के भगवान हैं उन्होंने प्रकृति के रूप में अनेक प्रकार की औषधियों को हमें प्रदान किया है जिसके द्वारा हम जटिल से जटिल रोगों को ठीक कर सकते हैं।

प्रो. कल्पलता जी ने मुख्य अतिथि का सम्मान बुके, अंगवस्त्र व पौधा देकर किया।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की शिक्षिका सुश्री दिव्या सिंह ने किया।

कार्यक्रम में डॉ.अरुण कुमार दुबे, डॉ. अमित रंजन, श्रीमती जया तिवारी, श्रीमती अंकिता, श्रीमती प्रतिभा गुप्ता, श्रीमती श्रद्धा पांडेय, आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्राएं मौजूद रहे।

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