
वाराणसी। समता समाजवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.अरविंद गांधी ने देश में समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर स्पष्ट कहा है कि हमारी पार्टी यूनिफार्म सिविल कोड को लागू करने के खिलाफ नहीं है उसका समर्थन करती है परंतु देश की विविधता को देखते हुए इसे जबरन थोपे जाने के पक्ष में भी नहीं है। इसमें आपसी सहमति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए और इसे मुद्दा बना कर इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
डा.गांधी ने कहा कि भारत की विशाल आबादी में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्घ और पारसी सहित विभिन्न धर्मों के मानने वाले लोग रहते हैं जिनके अलग-अलग रस्म और रिवाज हैं जिसको हम नजरअंदाज नहीं कर सकते । अगर देश में सभी के लिए एक जैसा कानून लागू होगा तो इससे देश कमजोर नहीं बल्कि और अधिक मजबूत होगा और आपसी सौहार्द एवं सामाजिक समरसता भी बढ़ेगा तथा अपराध भी कम होगा इसीलिए संविधान में समान नागरिक संहिता का जिक्र किया गया है लेकिन उसे जबरन थोपने का प्रावधान संविधान में निहित नहीं है। डा.गांधी वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं संग एक समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने यहां यह भी स्पष्ट कहा कि समान नागरिक संहिता कानून का विरोध करना देश विरोधी की परिधि में आता है ,इसमें यदि कोई त्रुटि नजर आती है तो सरकार को उस त्रुटि को सुधार लाने के लिए पत्रक के माध्यम सुझाव देनी चाहिए इसके लिए जागरुकता व आम सहमति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने यहां कहा कि उनकी पार्टी यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने के खिलाफ कभी न थी न है लेकिन जिस तरह से राजग इसे लागू करना चाहती है उससे हमारी पार्टी सहमत नहीं हैं।उसमे पारदर्शिता के साथ आमजन की राय ली जानी चाहिए ।
