वाराणसी।इंजीनियर राम नरेश “नरेश” का 69 वां जन्मदिवस चंद्रा साहित्य परिषद कार्यालय इंदिरा नगर चितईपुर में चंद्रा साहित्य परिषद द्वारा एक काव्य गोष्ठी के माध्यम से मनाया गया I जहां सादगी और सौम्य व्यक्तित्व के साथ हिंदी कविताओं को बढ़ावा दे रहे हैं कवि नरेश, वहीं पर युवाओं में भी कविता के प्रति लगाव और विषयों पर आधारित रचना धर्मिता से जुड़ने के लिए प्रेरणा श्रोत भी हैं I

अध्यक्षता वाराणसी के सुप्रसिद्ध गजल कार कवि सिद्ध नाथ शर्मा सिद्ध तथा संचालन चंद्र प्रभा साहित्यिक संस्था चकिया जिला चंदौली से आये वरिष्ठ कवि डा हरिबंस सिंह ने किया I

काव्य गोष्ठी और जन्म दिवस का संयोजन एवं व्यवस्था श्रीनाथ सोनांचली जी के हाथों में रहा I

कवि राम नरेश “नरेश” जी के 69 वें जन्म दिन पर आयोजित इस काव्य गोष्ठी का शुभारंभ जौनपुर से पधारे डॉ. छोटे लाल सिंह मनमीत जी द्वारा बुद्ध वंदना से हुआ I “है मेरे बीच में प्यार या वासना” रचना सुनाकर डॉ. हरिबंस सिंह ने खूब वाह वाही लूटी I

कवि राम नरेश जी ने “जन्म दिन तो मनाने का एक बहाना है, अपनों को दिल के बहुत करीब लाना है ” गजल सुनाकर काव्य गोष्ठी को नई ऊंचाई प्रदान की I

नाथ सोनांचली जी ने अपने जाने माने सुंदर गीत गजल और भोजपुरी बोली के मिठास से आने वाले होली के लिए रचनाओं से सबका मन मोह लिया I

कवि अतुल श्रीवास्तव जी अतुल जी द्वारा “गीत और गजल ही अब सुनाने दो, बात मेरे दिल की लब पे आने दो” सभी के दिल को छू लिया I

सिद्ध नाथ शर्मा सिद्ध ने अपनी गजल “जन्म दिवस हो मंगल कारी, अर्ज है प्रभु से यहीं हमारी ” सुनाकर जन्म दिन महोत्सव में भव्यता ला दी I

सभी कवियों ने कवि नरेश के जन्म दिन की बधाई देते हुए बहुत सुंदर रचनाएँ पढ़ीं I

डॉ. छोटे लाल सिंह मनमीत, गिरीश पांडेय बनारसी, दीपक दबंग, चकिया से प्रमोद कुमार कुशवाहा आदि ने अपनी रचनाओं से होली को जोड़ते हुए इस काव्य गोष्ठी को बुलंदियों तक पहुंचाया I

चंद्रा साहित्य परिषद के मीडिया प्रभारी वरिष्ठ पत्रकार, आईएजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नज़र न्यूज नेटवर्क के मुख्य प्रबंध निदेशक डा कैलाश सिंह विकास जी की उपस्थिति ने कवियों को नव सृजनसीलता में और निखार लाने को प्रेरित किया I पत्रकार आनंद सिंह अन्ना, देवेंद्र श्रीवास्तव देवा तथा सिद्धार्थ स्टूडियो के सुप्रसिद्ध छायाकार सुनील राव विनोद राव, मनोज राव ने भी इस मौके पर अपने विचार व्यक्त किये I

कवि इंजीनियर राम नरेश “नरेश” द्वारा आये हुए अतिथि कवियों को आभार तथा डा कैलाश सिंह विकास के धन्यवाद ज्ञापन से गोष्ठी का समापन हुआ I

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