
वाराणसी। ग्रामीण महिलाएँ अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट द्वारा प्रशिक्षित इन महिलाओं ने पूरी तरह से प्राकृतिक और हर्बल गुलाल और अबीर तैयार की है। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देना है। महिलाओं ने महाकुंभ के लिए विशेष अंगवस्त्रों का निर्माण कर अपने परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया था। इनके उत्पादों की मांग सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बढ़ रही है। प्राकृतिक गुलाल और अबीर की खासियत पूरी तरह से नेचुरल चुकंदर, पालक, हल्दी और फूलों के अर्क से बना, केमिकल मुक्त त्वचा और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित, रोजगार का नया अवसर ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं ने साझा की सफलता की कहानी, प्रशिक्षण प्राप्त महिला सरिता श्रीवास्तव ने बताया कि मुझे हमेशा से अपने परिवार का सहारा बनने का सपना था। साईं इंस्टीट्यूट ने मुझे वह मंच दिया। जिससे मेरा हुनर निखरा और मैं अपने सपनों को साकार कर पाई। ममता सिंह ने बताया हम सभी को बहुत खुशी है कि हमने प्राकृतिक गुलाल और अबीर तैयार किया जिसे प्रधानमंत्री को भु भेजा गया है।
साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के निदेशक अजय सिंह ने कहा यह पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता लाने के साथ-साथ समाज में उनकी नई पहचान बना रही है। भविष्य में,
हम और अधिक महिलाओं को जोड़कर इस मुहिम को और विस्तारित करेंगे। पूर्व में प्रशिक्षित महिलाओं ने G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान वाराणसी आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए विशेष अंगवस्त्र तैयार किए थे। इन महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
