
वाराणसी । काशी व्यापार प्रतिनिधि मण्डल द्वारा रविवार को लक्सा रोड स्थित मारवाड़ी युवक संघ में होली मिलन एवं सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम पारम्परिक टोपी धारण किए हुए व्यापारियों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर व गले मिलकर होली की बधाई दी। तदोपरान्त प्रख्यात गायक जय पाण्डेय व सरस्वती त्रिपाठी ने एक से बढ़कर एक होली गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जय पाण्डेय ने शुरुआत ओम् मंगलम् ओमकार मंगलम् से की, इसके बाद ‘नटराज स्तुति’ फिर ‘आज बिरज में होली रे रसिया’ ‘होली खेल रहे भोले भंडारी’, ‘खेले मसाने में होली दिगंबर’, ‘सिर बांधे मुकुट खेले होली’, ‘रंग बरसे भींगे चुनर वाली’, से समाँ बांधा।‘गायिका सरस्वती त्रिपाठी ने ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’, ‘मोरे कान्हा जो आए पलट के अबकी होली मैं खेलूंगी डटके’ आदि होली गीत की प्रस्तुति कर सभी को झूमने पर विवश कर दिया। श्री पांडे ने तबले पर अद्भुत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान गुलाब के फूलों की वर्षा होती रही।
इस अवसर पर महाकुंभ के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन को काशी आए दर्शनार्थियों की खुले मन से सेवा करने के लिए ‘गोला दीनानाथ व्यापार मंडल’, ‘काशी महिला व्यापार प्रतिनिधि मण्डल’, ‘वाराणसी किराना व्यापार मंडल’ आदि व्यापारिक संगठनों के अध्यक्ष व महामंत्री को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अध्यक्ष राकेश जैन ने स्वागत करते हुए कहा कि व्यापारी समाज हमेशा सेवा, सहयोग व जन कल्याण के प्रत्येक कार्य में अपना योगदान देता है। उन्होंने महाकुंभ के दौरान व्यापारियों द्वारा यात्रियों की बढ़ चढ़ कर सेवा की प्रशंसा की। अन्त में रविशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री राजकुमार शर्मा ने तथा कार्यक्रम का संयोजन मदनमोहन अग्रवाल, रविशंकर सिंह, केशरीनन्दन उपाध्याय, प्रदीप गुप्ता, अश्वनी शाह, प्रभात जैन, समीर भसीन ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संरक्षक तिलकराज कपूर, अरुण केशरी, मकुन्दलाल अग्रवाल, अनिल यादव, श्रीप्रकाश पाण्डेय, विजय यादव, डा. अखिलेश सिंह, पवन मोदी, राजन बहल, पवन कुमार अग्रवाल, निशि पाठक, अशोकजी अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सरोज सेठ, देवेंद्र मोहन पाठक, पीयूष नागर, अशोक सिंह, अशोक चौरसिया, जगदीश पटेल, मनोज चौरसिया, शालिनी गोस्वामी, रश्मि साहू, शिवशंकर सिंह, सुधीर चौरसिया, राकेश सिंह, नन्दलाल अरोड़ा, बबिता चन्देल, लक्ष्मी जेठवानी आदि थे।
