
वाराणसी।आपकी सेवा की यात्रा का यह अंतिम पड़ाव है,
लेकिन आपके योगदान की यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी।
आपकी मेहनत, लगन और समर्पण ने हमारे संगठन को मजबूत बनाया हैऔर आपकी अनुभवी सलाह ने हमें कई चुनौतियों का सामना करने में मदद की है।
आपके जाने से हमें एक शून्य महसूस होगा,
लेकिन हमें यह भी पता है कि आप अपने नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।
हम आपको आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं,
और आशा करते हैं कि आप हमेशा खुश और स्वस्थ रहेंगे।
उक्त विचार सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों (क्रमशः त्रिभुवन मिश्र (अधीक्षक),पूर्ण प्रकाश पाण्डेय (अधीक्षक ) एवं अशोक कुमार शुक्ल का माल्यार्पण, अंग वस्त्र ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत अभिनंदन करते हुए अध्यापक संघ अध्यक्ष एवं न्याय शास्त्र के उद्भट विद्वान प्रोफेसर रामपूजन पाण्डेय के द्वारा अभिनंदन करते हुए व्यक्त किया।
प्रभारी कुलसचिव प्रो जितेन्द्र कुमार ने कहा कि आपकी सेवा की यात्रा के दौरान आपने हमें बहुत कुछ सिखाया है,और आपकी अनुभवी सलाह ने हमें कई चुनौतियों का सामना करने में मदद की है।हम आपको आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं,और आशा करते हैं कि आप हमेशा खुश और स्वस्थ रहेंगे।
परीक्षा नियंत्रक प्रो सुधाकर मिश्र ने कहा कि यह परिसर देववाणी का है यहां पर प्रत्येक कर्मचारी, अध्यापक संकल्पित विचारधारा से कार्य करते हैं, उनके भाव सदैव अनुकरणीय होते हैं।
सौप्रस्थानिक का समय जूनियर को अनुसरण करने का पल होता है।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि हमारे तीनों वरिष्ठ अधीक्षक ने सेवानिवृत्त होकर अपने पीछे विश्वविद्यालय परिवार के लिए कर्मठता का परिचय अथवा संदेश दिया है कि सभी एकजुट होकर टीम भावना से कार्य करें।
संचालन..रामनयन मणि त्रिपाठी।
प्रो हरिशंकर पाण्डेय, प्रो राजनाथ, प्रो अमित कुमार शुक्ल,मोहित मिश्र, सहायक कुलसचिव क्रमशः हिमांशु शुक्ल, सत्येन्द्र कुमार अग्रवाल,महामंत्री प्रदीप कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष संजय कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ रघुनाथ पाल सहित सभी कर्मचारियों ने सहभाग किया।









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