
आईएजे परिवार भी हुआ गौरवान्वित

वाराणसी।नई दिल्ली राष्ट्रपति भवन में भी सादगी से पहुंचे काशी के सर्वमान्य वैदिक विव्दान पं गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ सोमवार को राष्ट्रपति ने पद्मश्री अवार्ड से नवाजा।
राष्ट्रपति भवन में भी नंगे पांव ही थे।मस्तक पर चंदन का त्रिपुंड अवश्य शोभायमान था। कंधे पर सफेद दुपट्टा।
जैसे ही नाम पुकारा गया सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके दुपट्टा पर बैज लगाया। पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा।
इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जनर्लिस्ट (आईएजे) परिवार ने काशी की विव्दत परंपरा के अव्दितीय संवाहक, वेद शास्त्र के मर्मज्ञ पं गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री मिलने पर गौरवान्वित महसूस किया है। बधाई दी।
