
गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए ऑडिट गुणवत्ता को बढ़ाना विषयक सेमिनार
वाराणसी। दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की वाराणसी शाखा की ओर से शनिवार को गैर-कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए ऑडिट गुणवत्ता को बढ़ाना विषयक सेमिनार सिगरा स्थित एक होटल में आयोजित हुआ। शुभारम्भ शाखा अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह ने स्वागत भाषण से किया I
अध्यक्षता शाखा के वरिष्ठ सदस्य सीए विनय कुमार जैन और संचालन सीए दिव्या गुलाटी ने किया। मुख्य वक्ता सीए कार्तिक जिंदल ने बताया की नॉन-कॉर्पोरेट संस्थाओं के वित्तीय विवरणों में ऑडिट गुणवत्ता में सुधार करने के लिए निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण है। ऑडिटर की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना। ऑडिट प्रक्रिया का पालन करना। वित्तीय विवरणों की समीक्षा करना। आंतरिक नियंत्रण का मूल्यांकन करना। ऑडिट रिपोर्ट में पारदर्शिता सुनिश्चित करना। ऑडिट गुणवत्ता में सुधार के लाभ:
1. वित्तीय विवरणों की विश्वसनीयता बढ़ाना।2. हितधारकों का विश्वास बढ़ाना।
3. वित्तीय निर्णय लेने में मदद करना।
4. जोखिम प्रबंधन में सुधार करना।
नॉन-कॉर्पोरेट संस्थाओं के वित्तीय विवरणों में ऑडिट गुणवत्ता में सुधार करने से वित्तीय विवरणों की विश्वसनीयता बढ़ती है और हितधारकों का विश्वास बढ़ता है।
कार्यक्रम में सेंट्रल रीजनल काउंसिल मेंबर और सचिव सीए जयेंद्र तिवारी जी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन शाखा सचिव सीए विकास द्विवेदी ने किया। शाखा कोषाध्यक्ष सीए रंजीत पांडेय, शिकासा अध्यक्ष सीए प्रकाश पांडेय, कार्यकारिणी सदस्य सीए नमन कपूर,सीए सोम दत्त रघु, पूर्व अध्यक्ष सीए रवि सिंह, सीए सौरभ शर्मा, सीए डी दुबे, सीए वी डी दुबे, सीए रविन्द्र मोदी, सीए मनोज निगम, सीए शकील अंसारी, सीए बिपिन मेहरोत्रा, सीए आलोक शिवाजी, सीए के के सिंह, सीए मोहित यादव, सीए संदीप सिंह, सीए पूनम अग्रवाल, सीए अनिल राय, सीए शशि कांत गुप्ता, सीए विंध्यवासिनी प्रजापति, सीए धनंजय ओझा, सीए आशीष कलवानी, सीए विशाल सिंह, सीए सुकांत रॉय, सीए अमन जैन, सीए राजन गुप्ता, सीए चंदन चौबे, सीए सजल सिंह आदि थे।
