
प्रो शैलेश कुमार मिश्र
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में पारम्परिक एवं आधुनिक पाठयक्रम में प्रवेश आमंत्रित
वाराणसी।234 वर्षों से निरन्तर भारत की सांस्कृतिक राजधानी काशी में अवस्थित विश्व का प्राचीनतम संस्कृत विश्वविद्यालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में पारम्परिक विद्या के विशिष्ट आचार्यों द्वारा अध्यापन और पारम्परिक एवं आधुनिक विद्याओं का अद्भुत संगम है। यहां पर शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम के साथ ही रोजगार के विभिन आयाम खुल जाते हैं, विद्यार्थियों को भारत एवं विदेशों में भी रोजगार राह आसान है। अर्चक, ज्योतिषी, वास्तुशास्त्र एवं कर्मकाण्ड के क्षेत्र में रोजगार के प्राप्त कर सनातन धर्म संस्कृति के क्षेत्र कार्य कर सकते है।
उक्त आशय की जानकारी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने देते हुए विस्तार से बताया कि विश्वविद्यालय में शास्त्री एवं आचार्य वेद, व्याकरण, ज्योतिष, साहित्य, पुराण, धर्मशास्त्र, न्याय, वेदांत, पालि एवं थेरवाद आदि पारम्परिक विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि के लिए प्रवेश आमंत्रित किए गए हैं। इसके अलावा, रोजगार पाठ्यक्रम के अन्तर्गत पत्रकारिता एवं जनसंचार विज्ञान स्नातकोत्तर और पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं
मुख्य पाठ्यक्रमों के साथ व्यावसायिक, रोजगारपरक एवं मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रमों की सुविधा – छात्रावास सुविधा (विदेशी छात्रों एवं महिलाओं के लिए अलग छात्रावास)
कंप्यूटर लैब, वेधशाला, यंत्र शाला, भाषा प्रयोगशाला, पुरातत्व संग्रहालय, पाण्डु लिपि पाठ्य पुस्तक, श्रौत मंडप एवं स्मार्ट मंडप से यज्ञशाला – विश्वविद्यालय पुस्तकालय और वाई-फाई सुविधा परिसर
शुद्ध पेयजल एवं सुसज्जित क्रीड़ा प्रांगण है।
*प्रवेश तिथि*
शास्त्री और आचार्य में प्रवेश के लिए दिनांक 10 जुलाई 2025 को अंतिम तिथि है।
रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में पत्रकारिता एवं जनसंचार (एमजेएमसी) एवं पुरातत्व संग्रहालय विज्ञान स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश अंतिम तिथि – 31 जुलाई 2025
विस्तृत जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं और विवरण देखें: (wwwssvv.ac.in)
संपर्क
सामाजिक विज्ञान विभाग में संपर्क करें: 8840232007
