वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ 1602 दिवस पूर्ण होने पर प्रेमचंद की कहानी विश्वास का पाठ रंगकर्मी व चंद्रशेखर मल्लिक दादा ने किया। सम्मान प्रो. श्रद्धानंद , निदेशक राजीव गोंड ने किया। प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि ‘प्रेमचंद की कहानी विश्वास एक सरल, पर गहरी सामाजिक सच्चाई को उजागर करती है। यह कहानी एक ईमानदार, भोले और मददगार युवक “विश्वास” की है, जो अपने सरल स्वभाव और दूसरों पर अत्यधिक भरोसे के कारण समाज द्वारा ठगा जाता है। कहानी यह संदेश देती है कि अंधविश्वास और बिना सोच-विचार किए किसी पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। प्रेमचंद ने इसमें ग्रामीण जीवन, सामाजिक ढांचे और मानवीय भावनाओं को यथार्थवादी शैली में प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर विपनेश सिंह, जवाहर पटेल, पीयूष मोहन गोंड, प्रमोद मौर्य, देवाशीष दास, सुनिता मल्लिक, डा. मनोहर लाल, चंदन मौर्य, संजय श्रीवास्तव, सुरज कुमार, व आलोक शिवाजी, खुशवंत श्रीवास्तव, राहुल यादव, अंकित सिंह आदि थे। संचालन आयुषी दूबे,स्वागत डा. राजेश श्रीवास्तव, धन्यवाद ज्ञापन मनोज विश्वकर्मा ने किया।

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