
वाराणसी।रोजगारपरक की दृष्टि से आज अनवरत विश्वविद्यालय प्रयत्नशील है।हमारे विद्यार्थी भारतीय संस्कृति, भारतीय ज्ञान परम्परा के अन्तर्गत व्याप्त अमृत तत्वों को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने एवं देववाणी संस्कृत के अन्दर ज्ञान तत्वों से भारत का परचम संपूर्ण दुनियां में लहराने के लिए दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में ज्योतिष एवं कर्मकांड और वास्तुशास्त्र एवं आंतरिक सज्जा में डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए केन्द्र की निदेशक प्रो विधु द्विवेदी ने बताया कि विद्यार्थियों को इन पाठयक्रमों के अध्ययन से विभिन्न क्षेत्रों स्वरोजगार उपलब्ध होगा,आज यह संस्था विद्यार्थियों के हित में अनवरत विभिन्न तरह के पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहा है, जिससे विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।इसी श्रृंखला में यह पाठयक्रम संचालित है। सेना में धर्म गुरु बनने के लिए इस पाठयक्रम से आसान मार्ग है।
*पाठ्यक्रम की विशेषताएं*
नियमित कक्षा और प्रायोगिक प्रशिक्षण।समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण।कैरियर अवसर: सेना में धर्म गुरु, वैदिक अनुष्ठान में विशेषज्ञता और स्व-रोजगार।
प्रवेश प्रारंभ दिनांक: 01 जून 2025।संपर्क सूत्र: 9450181867,पाणिनि भवन, प्रथम तल, दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र कार्यालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में प्रवेश प्राप्त करने के लिए संपर्क करें और अपने कैरियर को नई दिशा दें।
