रिपोर्ट प्रकाश आचार्य
वाराणसी।प्रभारी प्रवर्तन दल कर्नल संदीप शर्मा के नेतृत्व मे नगर निगम प्रवर्तन दल द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर लोहता स्थित मायापुरी कालोनी के घनश्याम डिस्पोजिबल सेंटर पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के गोदाम जो कि आवासीय परिसर में स्थित था, उस पर छापा मारा और कार्यवाही किया गया।
आवास रूपी इस स्टोर के मुख्य गेट को अंदर से बंद कर दिया गया था।टीम द्वारा बार -बार बेल बजाने और आवाज लगाने पर भी अंदर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिला।ऐसा लगभग 2 घंटे तक चलता रहा। प्रवर्तन दल ने अपनी घेरा बंदी में कोई कमी नहीं आने दी।
दो घंटे चली इस लुका छिपी के उपरांत मकान मालिक के आने के बाद अंदर से मेन गेट खोला गया।
मकान मालिक के साथ टीम द्वारा मकान मे अवैध प्लास्टिक खोजने के लिए अभियान शुरू किया गया। जिसके तहत पूरी तरह से सर्च करने पर भी कोई प्रतिबंधित प्लास्टिक नहीं मिला। लेकिन टीम द्वारा बिना निराश हुए सघन जांच करते हुए भूतल में स्थित मास्टर बेड रूम को सर्च किया गया। शुरुआत में तो वहां भी कुछ नहीं मिला। परन्तु अचानक जब प्रवर्तन प्रभारी कर्नल संदीप शर्मा ने पूछा कि पलंग के नीचे कालीन क्यों है तो कोई उत्तर नहीं प्राप्त होने पर शक के आधार पर पलंग और कालीन को हटवाया गया। पलंग हटाते ही और उसके नीचे के कालीन को हटाते ही जमीन में दो छोटी रिंग्स दिखीं। रिंग को खींचते ही एक ट्रैप डोर खुल गया। यह डोर जमीन के साथ जमीन के ही रंग से मेल खाने के कारण मिल गया था।
ट्रैप डोर खुलते ही सीढ़ियां दिखाई पड़ीं। इन सीढ़ियों से उतरते ही एक बड़ा सा तहखाना दिखाई दिया। सब कुछ एक तिलस्म की तरह लग रहा था। तहखाने में प्रवेश करते ही भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं सिंगल यूस प्लास्टिक का भण्डार प्रवर्तन दल के हाथ लगा। प्रवर्तन दल के भूतपूर्व सैनिकों को बरबस अपने काश्मीर में तैनाती के दौरान किए गए आतंकरोधी अभियान स्मरण हो आए।
ज्ञातव्य हो कि सर्च ऑप्रेशन के दौरान काश्मीर में कई मकानों के अंदर भी तहखानों से ऐसे ही आपत्तिजनक सामग्रियां अक्सर मिलती थीं। जब्त प्लास्टिक का वजन लगभग 2 से 3 टन बताया जा रहा है।
प्लास्टिक मिलने स्थानीय थाना लोहता से पुलिस बल और मीडिया को अवगत करते हुए टीम द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया। स्टोर मालिक से रू 30000/- प्लास्टिक जुर्माना वसूला गया। पुलिस एवं मीडिया का सहयोग हेतु प्रवर्तन प्रभारी कर्नल संदीप शर्मा ने आभार प्रकट किया।
