
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी को नैक मूल्यांकन में B++ ग्रेड प्राप्त करने पर विशेष रूप से आमंत्रित कर विश्वविद्यालय परिवार को अभिनन्दन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
राजभवन, लखनऊ में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम कुलाधिपति महोदया ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० बिहारी लाल शर्मा एवं नैक मूल्यांकन प्रक्रिया में सहभागी रहे सदस्यों से विशेष संवाद किया एवं सम्मानपूर्वक दोपहर भोज का आयोजन किया।
कुलाधिपति महोदया ने विश्वविद्यालय को प्राप्त 2.99 ग्रेड को सीमित संसाधनों में “एक अत्यन्त सराहनीय प्रयास” बताते हुए कहा कि “यह ग्रेडिंग विश्वविद्यालय में गत वर्षों में हुए समर्पित प्रयासों, सतत सुधारों एवं टीम भावना का स्पष्ट प्रतिबिम्ब है। आपने मिलकर संस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाया है और यह संस्था की एकजुटता को दर्शाता है।
महामहिम ने कहा कि यदि हमें आगे बढ़ना है तो सबसे पहले अपनी मानसिकता में सकारात्मकता एवं परिवर्तन की भावना लानी होगी। विश्वविद्यालय की छवि का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है। अतः प्रशासनिक अधिकारियों को विद्यार्थियों से व्यक्तिगत जुड़ाव स्थापित करते हुए उनके विकास में सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
दीक्षांत समारोह 10 अक्टूबर को खुले मंच पर आयोजित करने का निर्देश
कुलाधिपति महोदया ने आगामी दीक्षांत समारोह 10 अक्टूबर 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में खुले मंच अथवा मैदान में आयोजित करने का निर्देश दिया तथा कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता इस आयोजन का प्रमुख केन्द्र बिंदु होनीचाहिए।
अपील के माध्यम से ग्रेडिंग अपग्रेड हेतु पहल करें : कुलाधिपति
महामहिम ने नैक मूल्यांकन के समस्त पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए विश्वविद्यालय को अपील प्रक्रिया के माध्यम से ग्रेडिंग उन्नयन के लिए तत्परता पूर्वक कार्य करने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वह स्वयं नैक चेयरपर्सन से इस संबंध में संवाद स्थापित करेंगी।
सीएसआर फंड एवं समाजिक सहयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय में हुए विकास की सराहना
इस अवसर पर कुलपति प्रो० बिहारी लाल शर्मा ने महामहिम को विश्वविद्यालय के विभिन्न अकादमिक व भौतिक विकास कार्यों की जानकारी दी। कुलाधिपति महोदया ने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) फंड एवं समाज के प्रतिष्ठित महानुभावों को विश्वविद्यालय के साथ जोडकर उनके माध्यम से विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराई गई उपकरण एवं संसाधनों की सराहना करते हुए इसे एक प्रेरक उदाहरण बताया।
कुलाधिपति ने अभिभावक की भांति प्रेरणास्पद मार्गदर्शन किया.
कुलपति प्रो० शर्मा ने कहा कि महामहिम कुलाधिपति महोदया ने आज विश्वविद्यालय के प्रत्येक पहलू को गहराई से समझते हुए एक अभिभावक की भांति मार्गदर्शन दिया, जो सम्पूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यन्त प्रेरणास्पद है। हम शीघ्र ही निर्धारित समय-सीमा में अपील प्रस्तुत करेंगे।”
इस अवसर पर राजभवन में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो० बिहारी लाल शर्मा के साथ राजभवन के ओएसडी डॉ० पंकज एल जानी, अपर मुख्य सचिव डॉ० सुधीर बोबडे, कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र,प्रो० रामपूजन पाण्डेय, प्रो० सुधाकर मिश्र, प्रो० रमेश प्रसाद, प्रो० शैलेश कुमार मिश्र, प्रो० अमित कुमार शुक्ल, डॉ० विशाखा शुक्ला, डॉ० विजय कुमार शर्मा, डॉ० मधुसूदन मिश्र, डॉ० विजेन्द्र कुमार, श्री मोहित मिश्र, जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र, पीएस टू वीसी प्रभुनाथ यादव,महेश मणि सहित अन्य विश्वविद्यालय प्रतिनिधि उपस्थित थे।
