
वाराणसी। रविदास घाट, लंका स्थित श्रीदुर्गा मातृ छाया शक्तिपीठ मे दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को शिष्यों ने भाव पूर्वक गुरु का पूजा दर्शन किया ।
प्रातः काल 8:00 बजे देवी उपासिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ अपने गुरु के चरण पादुका का पूजन की। इसके पश्चात आश्रम में चल रहे श्री रामचरितमानस अखंड पाठ का समापन हुआ। इसके पश्चात 108 दंडी संन्यासियों का पूजन कर भव्य भंडारे हुआ ।जिसमें दंडी सन्यासियों सहित हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर शिष्यों को आशीर्वाद देते हुए देवी उपसिका साध्वी गीतम्बा तीर्थ ने कहा कि गुरु ही ऐसा है जो अपने शिष्यों के अंधकारमय जीवन को प्रकाशवान बनाता है । साथ ही वह जीवन भर सही मार्ग का दिखाता है कि कहीं उनका सिर्फ भटक न जाए। सच्चा गुरु वही जो संसार की नैया को पर लगाकर परमार्थ से मिला दे। रिसोर्सेस इस अवसर पर भजन कीर्तन का भी आयोजन आश्रम में हुआ था जिसमें उपस्थित कलाकारों ने भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी।
दो दिवसीय समारोह में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से काफी संख्या में भक्त आए हुए थे।
