
वाराणसी। गंगा की भव्यता से प्रेरित होकर अब वरुणा नदी भी श्रद्धा और पर्यावरण के संगम का केंद्र बन गई है। शास्त्री घाट (वरुणा पुल) पर लोग चेतना के अध्यक्ष केके उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिदिन भव्य रूप से वरुणा आरती का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय समुदाय में नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का भी संचार कर रहा है। आरती के समय दीपों की रौशनी, मंत्रों का गायन, और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासित हो उठता है। इस मौके पर श्रद्धालु गंगा-यमुन की तरह वरुणा नदी की भी पूजा-अर्चना करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। आयोजकों का मानना है कि इस आयोजन से वरुणा नदी को न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी नई पहचान मिल रही है।
