आपदा प्रबंधन आधारित मॉडल को मिली वैश्विक सराहना

 

 

नजर न्यूज नेटवर्क/ विशेष संवाददाता 

वाराणसी। भारत की युवा प्रतिभा ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपने उत्कृष्ट नवाचार से देश का गौरव बढ़ाया है। संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोइराजपुर की ए०आई० एवं रोबोटिक्स टीम ने “रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज 2024-25” के ग्रैंड फिनाले में भाग लेकर संयुक्त राष्ट्र की नवाचार पहल में भारत का परचम लहराया। स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में 8 से 11 जुलाई के बीच आयोजित एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट में यह प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें 22 देशों की सर्वश्रेष्ठ युवा टीमें शामिल हुईं। संत अतुलानंद स्कूल के छात्रों सत्यम चौरसिया, शिवम सिंह और श्रेयश सिंह ने शिक्षिका मोनिका श्रीवास्तव के निर्देशन में एक अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन रोबोटिक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे आयोजकों और विदेशी प्रतिनिधियों की जबरदस्त सराहना मिली। इस नवाचारी प्रस्तुति ने भारत को प्रतियोगिता में पांचवां स्थान दिलाया जो न केवल विद्यालय और जनपद के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।

🔹 भारत के अमृतकाल की युवा शक्ति

इस सफलता को आज़ादी के अमृतकाल में भारतीय युवाओं की विश्व मंच पर सशक्त उपस्थिति के रूप में देखा जा रहा है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न देशों के युवा नवाचारियों से संवाद, सीखने और नेटवर्किंग के कई सुनहरे अवसर मिले।

विद्यालय सचिव राहुल सिंह ने इस उपलब्धि को “भारत की युवा शक्ति का विश्व पटल पर उद्घोष” बताया। निदेशिका डॉ. वंदना सिंह ने छात्रों को “स्वर्णिम भारत का भविष्य” कहा और प्रधानाचार्या डॉ. नीलम सिंह ने कहा, “टीम ने तकनीकी दक्षता के साथ वैश्विक सहयोग और नवाचार का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।”

 

🔹 रोबोटिक्स के ज़रिए नया भारत

छात्रों द्वारा तैयार किया गया रोबोटिक मॉडल आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को स्वचालित करने की दिशा में एक प्रायोगिक उदाहरण था, जिसे वैश्विक मंच पर एक सामाजिक रूप से उपयोगी तकनीक के रूप में मान्यता मिली।

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