वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन, सभागार में किसान दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ, सिंचाई खण्ड जौनपुर, नलकूप खण्ड प्रथम, लधु सिंचाई, मत्स्य, उद्यान, सहकारिता, रेशम, दुग्ध विकास अधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक, पशुपालन, वन विभाग, गन्ना विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, विद्युत विभाग, क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं जनपद के कृषकों द्वारा सहभागिता किया गया। सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए अधिक से अधिक कृषकों को अपनी योजनाओं से जोडने का प्रयास किया गया।

डा0 एन0के0 सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र कल्लीपुर द्वारा खरीफ मौसम की समस्या को समझाने एवं धान की सीधी बुवाई की नवीनत तकनीकी पर चर्चा करते हुए धान में लगने वाले विभिन्न प्रकार के रोग नियंत्रण के बारे विस्तार से कृषकों को अवगत कराया गया। नर्सरी में आयरन की कमी के कारण सफेदा रोग एवं जिंक की कमी के कारण खैरा रोग के लक्षण दिखने पर फेरस सल्फेट की 50 ग्राम मात्रा को दो सौ ग्राम यूरिया के साथ घोल बनाकर प्रति टंकी छिडकाव करना चाहिए, साथ ही साथ खैरा रोग के लिए जिंग सल्फेट की 50 ग्राम मात्रा को दो सौ ग्राम यूरिया तथा 15 लीटर पानी में घोल के साथ की नर्सरी में छिडकाव करने की सलाह दी गयी। पशुपालन विभाग द्वारा नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजना के बारे में बताया गया,जिसमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अन्तर्गत अधिकतम रू 80000.00 का अनुदान देय है। मिनी नन्दिनी कृषक समृद्वि योजना में स्वदेशी नस्ल के 10 गायों की इकाई स्थापना पर 50 प्रतिशत अनुदान देय है। इस योजना अन्तर्गत बाह्य प्रदेश से 10 उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायो (गिर, साहीवाल एवं थारपारकर प्रजाति) का क्रय कर इकाई स्थापना पर अनुदान प्राप्त किया जाता है। उक्त योजना में आवेदन हेतु इच्छुक कृषकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था दिनांक 14.07.2025 से 13.08.2025 तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिये मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय से सम्पर्क किया जा सकता है। उद्यान विभाग द्वारा खरीफ में अनुदान पर उपलब्ध कराये जाने वाले सब्जी, फल, फूल, आम, अमरूद्व, फाल्सा, बेल, केला, इत्यादि, की खेती करने हेतु किसान भाइयों को जागरूकता किया गया। इसी प्रकार एम0आई0 डी0एच0 योजना में प्रति हे0 केला पर 70000, डेªगन फूट पर 2 लाख 70 हजार, पपीता, करौंदा, वैर, कटहल, अंजीर आदि पर 50 हजार अनुदान देय के बारे में बताते हुए अधिक से अधिक उद्यान रोपण हेतु पे्ररित किया गया। अन्य योजना यथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर पर 75 से 90 प्रतिशत तक अनुदान तथा उपयोग के बारे में बताया गया । इसके साथ ही कृषि के साथ कृषि आधारित व्यवसाय करने हेतु प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में खाद्य सामग्री उद्योग स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी । भूमि संरक्षण अधिकारी ऊसर सुधार द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत वर्षा जल संचयन हेतु खेत तालाब योजना के बारे में विस्तर से बताया गया। खेत तालाब हेतु कृषि विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। मत्स्य पालन, मोती उत्पादन, सिंघाडा उत्पादन एवं अन्य जलीय खेती करने वाले कृषक इसका लाभ प्राप्त कर सकते है। खेत तालाब योजना में कुल लागत रू0 105000 आता है, जिस पर रू0 52500 अनुदान की धनराशि कृषकों को डी0बी0टी0 के माध्यम से भुगतान कराया जाता है। इसके अतिरिक्त स्पिं्रकलर सेट पर 80 से 90 प्रतिशत अनुदान, पम्पसेट पर 15000/-50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है । कृषकों को अधिक से अधिक लाभ हेतु अनुरोध किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड की तरफ से जिला प्रबन्धन श्री पवन कुमार सिंह द्वारा अवगत कराया गया है कि मौसम खरीफ-2025 में वाराणसी जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा येाजना अन्तर्गत 6 फसलें धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उडद एवं अरहर एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना अन्तर्गत दो फसलें केला एवं मिर्च अधिसूचित है, जिनका किसान भाई बीमा करा सकते है, जिनके प्रीमियम के बारे में किसानों को अवगत कराया गया और साथ फसल के खराब होने पर किसान व्यक्तिगत अधार पर फसल खराबी के लिए भारत सरकार के टोल फ्री नम्बर 14447 पर घटना घटित होने के 72 घन्टें के अन्दर शिकायत करके क्षतिपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हेै। साथ ही बीमा करने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई है एवं केला फसल के लिए 31 जुलाई-2025 बीमा करने के अंतिम तिथि भी बतायी गयी है, सभी किसानांे को अधिक से अधिक बीमा कराने हेतु अनुरोध किया गया । जिला कृषि अधिकारी वाराणसी द्वारा बताया गया कि खरीफ सीजन की समस्त बीज राजकीय कृषि बीज गोदामों पर 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध हेै, जिसका वितरण पी0ओ0एस0 मशीन द्वारा कराया जा रहा। साथ ही साथ निःशुल्क मिनीकिट वितरण में अरहर, मॅूग, उर्द, सावा, कोदो, रागी व मक्का का बीज भी उपलब्ध है जिसकों लाटरी सिस्टम के माध्यम से पहले आओ -पहले पाओं के आधार पर कृषकों को वितरित कराया जा रहा है। उप कृषि निदेशक द्वारा पूर्व आयोजित किसान दिवस में कृषकांे द्वारा उठाई गयी समस्या एवं निराकरण के सम्बन्ध में कृषकों को अवगत कराया गया एवं अनुरोध किया गया कि जिन कृषकों का कोई समस्या हो उनकों अवगत कराया जाये, जिससे समस्या का समाधान ससमय सम्बन्धित विभाग से कराया जा सके। अन्त में उप कृषि निदेशक द्वारा किसान दिवस में आये हुए सभी विभागों के अधिकारियों एवं कृषक बन्धुओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समस्त विभागीय अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि कृषकों द्वारा किसान दिवस के माध्यम से जो भी समस्याएं उठायी गयी है, सम्बन्धित अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर उसका समाधान कराये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *