
गाजीपुर। वैज्ञानिक,धार्मिक और साहित्यिक माहौल के लिए मशहूर शहर ग़ाज़ीपुर के ज़ेरकिला कोहना मोहल्ले के एक सम्मानित,विद्वान और प्रतिष्ठित परिवार के एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व, अज़ीज़ुल हसन सिद्दीकी का जन्म 14 सितंबर 1932 को हुआ।
आपके पिताश्री मदरसा दीनिया के पूर्व प्रबंधक मौलाना अबुलहसन सिद्दीकी हलीम ग़ाज़ीपुरी।
उनकी शिक्षा स्थानीय मदरसा दीनिया में शुरू हुई और फिर मौलाना उमर फारूक संस्थापक मदरसा दीनिया,पिता मौलाना अबुल हसन सिद्दीकी हलीम, मौलाना इस्माइल ज़बीह और मौलाना फारूक की देखभाल में पढ़ाई जारी रही और उनके स्नेह में बड़े हुए।उन्होंने उर्दू और प्रारंभिक शिक्षा अपने प्रिय शिक्षक मौलवी मुहम्मद मुस्तफा धरममरपूरी से और फारसी व अरबी की शिक्षा अपने पिता मौलाना अबुल हसन सिद्दीकी, मौलाना इस्माइल ज़बीह और मौलाना मुहम्मद असलम फ़ारूक़ी से प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान आधुनिक शिक्षा की ओर लगाया। उन्होंने साहिबजादा हाफिज सैयद मुहम्मद हाशमी (मौलाना सैयद अहमद हाशमी पूर्व सांसद के बड़े भाई) से प्रारंभिक अंग्रेजी की पढ़ाई पूरी की और फिर मास्टर रामायण प्रसाद (खाक गाजीपुरी) से अंग्रेजी की पढ़ाई की और एक अच्छे प्रतिभावान छात्र बने।
उनके पूर्वज अपनी शैक्षणिक, साहित्यिक,सामाजिक और राजनीतिक सेवाओं के कारण समाज में प्रतिष्ठित थे। उनकी सेवाओं का उल्लेख और प्रभाव उन पर बचपन से ही पड़ा।
जैसे ही उन्होंने चेतना के पथ पर कदम रखा, उन्होंने अपने बुजुर्गों के कार्यों को विकसित और पूरा करना शुरू कर दिया और राष्ट्रीय आंदोलनों में भाग लिया।
उन्होंने मदरसा दीनिया, जो गाजीपुर का प्रसिद्ध धार्मिक विद्यालय है, को उसके शिखर तक पहुंचाया और इसे कल्याणकारी सेवाओं का केंद्र भी बनाया। इसके अलावा, उन्होंने कई कल्याणकारी संस्थानों की स्थापना की।
1955 में अंजुमन तरक्की उर्दू की ग़ाज़ीपुर शाखा का प्रबंधन।
1967 में धार्मिक स्कूल के आयोजन की जिम्मेदारी ली।
1961 में उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद के निर्वाचित सदस्य।
1969 में उत्तर प्रदेश राज्य जमीयत उलेमा की कार्यकारी परिषद के सदस्य और फिर महासचिव के रूप में चुने गए।
बाद में उन्हें जमीयत उलेमा-ए-हिंद की केंद्रीय कार्यकारी परिषद का उपाध्यक्ष और विशेष आमंत्रित सदस्य तथा प्रकाशन एवं प्रचार विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया।
मिल्ली जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के महासचिव चुने गए।
1988 में यूपी राब्ता कमेटी गाजीपुर शाखा के सचिव।
1997 में सदस्य प्रबन्धकारिणी समिति नदवतुल उलमा लखनऊ।
1997 में उर्दू अकादमी उत्तर प्रदेश के सदस्य।
2009 में अखिल भारतीय उर्दू संपादक सम्मेलन के सदस्य।
2010 में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मुशावरत के सदस्य।
विशेष आमंत्रित सदस्य: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड_आजीवन ।
कन्वीनर इसलाह मुआशरा कमेटी अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पूर्वी उत्तर प्रदेश_आजीवन।
उपाध्यक्ष, दीनी तालीमी कौंसिल, उत्तर प्रदेश आजीवन,कन्वीनर वफ़ाक़े मदारिस इस्लामिया गाजीपुर जिला आजीवन,
तज़कीर ग़ाज़ीपुर पत्रिका के संपादक: आजीवन।
*पुस्तकें*
मशाहीर गाजीपुर, कारवाने फिक्र, शमा आज़ादी के परवाने, जंगे आज़ादी और मुसलमान, हव्वा की बेटियाँ।
