
वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के निर्णयानुसार जो विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्कृत महाविद्यालयों की भूमि, भवन और अन्य सम्पत्तियों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।विश्वविद्यालय अपने सम्बद्ध महाविद्यालयों की सम्पत्तियों का संरक्षण और संवर्धन करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कृत देववाणी है, मां भारती का मन्दिर जैसा है इसके संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन हर तरह से कटिबद्ध है।यह निर्णय महाविद्यालयों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
विश्वविद्यालय ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि कुछ महाविद्यालयों के प्रबन्धतन्त्र द्वारा महाविद्यालयों की भूमि, भवन और अन्य सम्पत्तियों को बेचने का प्रयास किया जा रहा था। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय लिया है ताकि महाविद्यालयों की सम्पत्तियों का संरक्षण और संवर्धन किया जा सके।
