
प्रेमचंद की ‘आधार’ कहानी का पाठ
वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ के 1623 दिन पूर्ण होने पर कहानीकार सत्यम राजेश कुमार लाल ने प्रेमचंद की मशहूर कहानी आधार का पाठ किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद और निदेशक राजीव गोंड, प्रकाश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।
प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि प्रेमचंद की कहानी ‘आधार’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी अपने समय में थी। उन्होंने समाज में बदलते रिश्तों और वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, आज के समय में जब रिश्ते सोशल मीडिया और पैसों की भाषा बोलने लगे हैं, तब यह कहानी हमें संवेदना, सहानुभूति और कर्तव्य का पाठ पढ़ाती है। कहा कि ‘आधार’ कहानी का संदेश यह है कि मनुष्य का असली आधार न कोई दस्तावेज़ है, न संपत्ति, बल्कि उसका चरित्र, आत्मसम्मान और सच्चाई है।
उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 145वीं जयंती पर आयोजित तीन दिवसीय नाट्य मंचन व कहानी पाठ कार्यक्रम का हिस्सा था। कार्यक्रम में डी बी. सिंह, रोहित गुप्ता, अश्वित दूबे, राहुल यादव, विपनेश सिंह, प्रांजल आदि थे। संचालन आयुषी दूबे, स्वागत मनोज विश्वकर्मा और धन्यवाद ज्ञापन गिरिश मिश्रा ने दिया।
