वाराणसी। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत अधिक से अधिक कृषकों को कवर करने हेतु ऋणी कृषकों के बीमा कराने हेतु अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 अगस्त एवं गैर ऋणी कृषकों के बीमा कराने हेतु अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढाकर 14 अगस्त तक के लिए विस्तारित कर दिया है।

उक्त जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि गैर ऋणी कृषक अपना आधार कार्ड, स्व प्रमाणित फसल बुवाई का घोषणा पत्र, नवीनतम खतौनी की नकल, बैंक पासबुक की छायाप्रति (आई0एफ0एस0सी0 कोड सहित) के साथ निकट के कामन सर्विस सेंटर अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं तथा ऋणी किसान भाई अपने बैंक शाखा से सम्पर्क कर यह सुनिश्चित कर लें कि बैंक शाखा द्वारा उनकी फसल का बीमा किया गया है अथवा नही। अगर अब तक फसल बीमा नही किया गया है तो नियमानुसार बीमा करने हेतु बैंक शाखा को सूचित कर दें। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान खरीफ में अबतक 26952 कृषकों ने फसल बीमा का पंजीकरण कराते हुए 3400 हे0 क्षेत्रफल का बीमा कराया है। किसान भाई खरीफ हेतु अधिसूचित फसल-धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उर्द, अरहर एवम् मिर्च फसल का बीमा करा सकते है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों को क्षति होने की स्थिति में बीमित कृषकों को बीमा कवर/क्षतिपूर्ति प्रदान किया जाता है। फसल की बुवाई न कर पाना/असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम/चक्रवाती वर्षा से नुकसान की जोखिम को कवर किया गया है। शासन द्वारा योजना हेतु टोल फ्री नम्बर-14447 जारी किया गया है, जिस पर कृषक काल करके योजना की विस्तृत जानकारी ले सकते तथा बीमित कृषक आपदा की स्थिति में क्षतिपूर्ति हेतु 72 घण्टे के अंदर टोल फ्री नम्बर पर सूचित कर सकते है। जनपद के समस्त किसान भाइयों से अनुरोध है कि योजनान्तर्गत अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए योजना का लाभ लें।

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