वाराणसी। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं समाजवाद के प्रेरणा स्रोत जनेश्वर मिश्र की 93वीं जयंती जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जनेश्वर मिश्र के समाजवादी आंदोलन में योगदान पर चर्चा की गई। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि जनेश्वर मिश्र समाजवाद की चलती फिरती पाठशाला थे, जिन्होंने तमाम युवाओं को समाजवादी संघर्ष और विचार से जोड़ा तथा उन्हें राजनीतिक सक्रियता प्रदान की। संचालन करते हुए जिला महासचिव आनंद मौर्या ने कहा जनेश्वर मिश्र सात बार केंद्रीय मंत्री रहे, फिर भी उनके पास न अपनी गाड़ी थी, न बंगला। उन्होंने हमेशा गरीबों और शोषित लोगों के लिए संघर्ष किया। यही कारण है कि उन्हें ‘छोटे लोहिया’ के नाम से जाना जाता है। डॉ. उमाशंकर सिंह यादव ने कहा, जनेश्वर मिश्र के अंदर अन्याय, अत्याचार, शोषण, छुआछूत, भेदभाव और पूंजीवाद के खिलाफ संघर्ष कूट-कूट कर भरा हुआ था।

इस अवसर पर प्रदीप जायसवाल, डा. उमाशंकर यादव, पूजा यादव, महेंद्र सिंह यादव, नवीन सिंह बबलू, उमेश प्रधान, मनीष सिंह, गोपाल यादव, गोपाल पाण्डेय, अमरनाथ मास्टर, रामकुमार यादव, पुतुल यादव, मनोज यादव, राजेंद्र प्रसाद, धर्मवीर पटेल, सचिन प्रजापति, सुनील यादव, विजय टाटा, शिवप्रसाद गौतम, रामकिंकर पटेल, विनोद सिंह, दिनेश सिंह, विनोद सिंह, डी के मौर्या, रमापति राजभर, अनिल यादव, किशन सेठ, जवाहर लाल किरण शर्मा, और विनोद शुक्ला ने विचार व्यक्त किए।

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