वाराणसी। ज्ञान, तप और अध्यात्म की धरती वाराणसी ने 5 और 6 अगस्त को एक ऐतिहासिक दृश्य देखा, जब संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोइराजपुर का विशाल प्रांगण संसदीय संवाद और बौद्धिक बहस से रंग गया। यह अद्भुत आयोजन था अंतर्विद्यालयी युवा संसद ‘विमर्श 3.0’ का, जो न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे जनपद के शैक्षिक परिदृश्य में युवा शक्ति और नव विचारों को उजागर करता है।

विमर्श-3.0’ के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक छात्र-छात्राएँ शामिल हुए, जिनमें न केवल वाराणसी, बल्कि आस-पास के प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र भी शामिल थे। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का प्रांगण दो दिनों तक एक जीवंत लोकतांत्रिक मंच में बदल गया, जहाँ भारत के भविष्य के ये नवोदित नेता और वक्ता संसदीय परंपराओं का अनुकरण करते हुए अपने-अपने तर्क और दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत के बाद विद्यालय के सह निदेशक आयुष्मान सिंह ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन बदलते भारत में दृष्टिकोण के बदलाव का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ विद्यार्थियों में राजनीति के सही मायने और उसकी समझ को बढ़ावा दिया जा रहा है।इस आयोजन में 40 से अधिक निर्णायक सदस्य सक्रिय रूप से शामिल हुए और 14 से अधिक संसदीय समिति चर्चाएँ आयोजित की गईं। बच्चों ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर तर्क-वितर्क किया, जैसे कि शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल भारत, महिला सशक्तिकरण, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति आदि। प्रत्येक सत्र में विद्यार्थियों ने तथ्यों और तर्कों के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, जो कहीं लोकनीति की झलक और कहीं नए विचारों की दृष्टि दर्शाते थे। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष विभाग के राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा-

“विमर्श जैसे आयोजन हमारी युवा पीढ़ी को न केवल नेतृत्व और वक्तृत्व का अभ्यास कराते हैं, बल्कि उन्हें यह भी सिखाते हैं कि लोकतंत्र का असली सौंदर्य संवाद और विचार-विनिमय में है। इन बच्चों में भविष्य का सशक्त भारत झलकता है। विशिष्ट अतिथि शांतनु गुप्ता, लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक ने विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता और शोधपूर्ण दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा भारत का लोकतंत्र तभी सुदृढ़ होगा, जब उसकी युवा पीढ़ी तथ्यों पर आधारित बहस और रचनात्मक संवाद सीखेगी। आज इस मंच पर जो विमर्श हुआ, वह भविष्य के भारत का सार्थक संकेत है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की वार्षिक पत्रिका युगधर्म का विमोचन मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के द्वारा किया गया। इसके बाद एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह हुआ, जिसमें विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। विजेताओं के चेहरे पर प्रसन्नता और गर्व की चमक दिखाई दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. नीलम सिंह ने इस आयोजन को विद्यालय की शैक्षिक और सांस्कृतिक दृष्टि का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा युवा संसद हमारे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवाद कला और नेतृत्व का अद्भुत समन्वय स्थापित करती है। यह आयोजन बच्चों को केवल कक्षा की पढ़ाई तक सीमित नहीं रखता, बल्कि जीवन के व्यावहारिक और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ता है। विद्यालय की निदेशिका डॉ. वंदना सिंह ने विमर्श 3.0 को विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में चिंतनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का संचार करेगा। इन दो दिनों में विद्यालय केवल एक शैक्षिक संस्थान नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक प्रयोगशाला बन गया, जहाँ विचार, तर्क, प्रश्न और समाधान एक साथ गूंज रहे थे। यह आयोजन उन सभी मूल्यों का उत्सव था, जिन पर भारत का लोकतंत्र खड़ा है।

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