
वाराणसी।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संत गणीनाथ जयंती के पावन पर्व पर श्रावण माह के अंतिम शुक्रवार को आज प्रातःकाल से शिव की नगरी काशी के डा० राजेन्द्र प्रसाद घाट (दशाश्वमेध) पर हजारों की संख्या में पुरुष व महिलाएं केसरिया वस्त्र में मद्धेशीया समाज के लोग एकत्रित होकर 251 कलश का पूजन किया। तत्पश्चात अपने कुलदेवता संत गणीनाथ जी महाराज व पल्टू दास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्जवलित कर पूजन- अर्चन किया। संस्था के संरक्षक गोपाल जी, एजीआर श्री के.पी. गुप्त तथा अध्यक्ष रामचन्द्र गुप्त ने माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
कलश यात्रा में गणीनाथ जी का रथ, घोड़े पर शंकर व पार्वती जी, वैण्ड-बाजा, शहनाई व उनके पीछे हाथों में केसरिया झंडा, गंगाजल व दुग्ध से भरा कलश लेकर लोग हर-हर महादेव व बोल बम का जयकारा लगा रहे थे।
कलश यात्रा गोदौलिया चौराहा, गिरजाघर चौराहा, पी.डी.आर. मॉल से पुनः वापस गोदौलिया चौराहा, बाँसफाटक, ढुंढिराज गणेश, अन्नपूर्णा मंदिर, शनि देवता मंदिर होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर बाबा विश्वनाथ जी का 26वाँ जलाभिषेक किया गया।
कलश शोभायात्रा का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष रामचन्द्र गुप्ता, एडवोकेट कर रहे थे।
कलश शोभायात्रा में सर्वश्री गोपाल जी ए.जी.आर., के.पी. गुप्त. राजीव गुप्त, दिनेश गुप्ता (दीनू), रमेश जी, रमेश गुप्ता महामंत्री सेन्ट्रलबार श्याम सुंदर, निशांत, गौतम दयाल, ईशान, वी.के. गुप्त, रामविलास, अभिषेक गुप्ता, शुभम, डा० सरिता गुप्ता, राजलक्ष्मी, शीला कान्दू, शान्ती गुप्ता, ज्योत्सना, रतन, विनोद, गणेश आदि शामिल रहे।
