
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में 50 लाख से उपर की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए इसे कार्यदायी संस्थाएं पूरी गंभीरता से लें। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण कार्य हेतु धनराशि प्राप्त हो गई है उन परियोजनाओं का कार्य निश्चित समयावधि के अंतर्गत कार्यदायी संस्थाएं पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराये जा रहें निर्माण कार्यों सहित जनपद में निर्माणाधीन समस्त परियोजनाओं के निर्माण कार्य में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति एवं गुणवत्ता आदि के बारे में सम्बंधित कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों की प्रगति को सभी कार्यदायी संस्थाएं/सम्बंधित विभाग सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर फीड कराना सुनिश्चित करें। 
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्यों को पूर्ण कराने में बजट की आवश्यकता हो उसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें जिससे कि कार्य में बाधा न उत्पन्न हो व निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराया जा सके। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो गई हैं उनको संबंधित विभाग को हैंड ओवर कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने लोकनिर्माण विभाग के सड़कों के चौड़ीकरण तथा निर्माण कार्य, जलनिगम अर्बन तथा ग्रामीण की विभिन्न परियोजनाओं समेत,
ट्रांसपोर्ट नगर, रोपवे परियोजना, हरिश्चंद्र घाट, मणिकर्णिका घाट, चंद्रावती घाट पर निर्माणाधीन परियोजनाएं, थ्री-डी अर्बन डिजिटल मैप, गंजारी स्टेडियम समेत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने जलनिग़म शहरी के ट्रांस-वरुणा क्षेत्र में पेयजलापूर्ति के कार्यों में धीमी गति पाये जाने पर संबंधित एई के खिलाफ शोकॉज नोटिस जारी करने को निर्देशित किया। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
