वाराणसी।’मेरे लहू का असर देख लेना,फतह की ही होगी खबर देख लेना I

वाराणसी ।चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) द्वारा “एक शाम शहीदों के नाम” काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न हुई ।

इंदिरा नगर,चितईपुर स्थित चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) कार्यालय पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर “एक शाम शहीदों के नाम” काव्य गोष्ठी आयोजित रहा।

चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) कार्यालय में पूर्वांचल के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने देश भक्ति और वीर रस के गीतों गजलों से काव्य संध्या में शहीदों के बलिदानी यादों, गोरों द्वारा दिये गए उनकी यातनाओं को एक अविष्मरणीय भव्यता प्रदान किया I

श्रीमती मधुलिका राय मधु ने सरस्वती वंदना की। पश्चात गीत और गज़लों के बादशाह संस्था के संरक्षक डॉ.महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार, सांस्कृतिक महासचिव प्रसिद्ध संचालक नाथ सोनंचली, नव गीतकार परम हंस तिवारी परम, व्यंग्य विधा के धनी दीपक दबंग, प्रीत के गीत के डॉ. छोटे लाल सिंह मनमीत आदि कवियों ने संस्था की संस्थापक स्मृति शेष चंद्रावती नरेश, शहीदों और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया I

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि इंजी. रामनरेश “नरेश” के गीत “मेरे लहू का असर देख लेना,फतह की ही होगी खबर देख लेना” और भारत माता की जय- वंदे मातरम् से उपस्थित रचना कारों में जान डाल दी I

तत्पश्चात गजल और मुक्तक के जाने माने कवि सर्वश्री गिरीश पांडेय काशिकेय, डा महेंद्र तिवारी अलंकार,अतुल श्रीवास्तव अतुल, डॉ. मनमीत, अलंकार जी,सुप्रसिद्ध गजल कारा माधुरी मिश्रा और मधुलिका राय ने वीर रस की कविताओं से सभी कवियों / कवयत्रियों ने अपनी राष्ट्र प्रेम के प्रस्तुति से काव्य गोष्ठी को सिर्स्थता तक पहुंचा दिया I

उपस्थित सभी कवियों/ कवयित्रियों और पत्रकारों को चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि इंजी. राम नरेश “नरेश” द्वारा अंग वस्त्रम , प्रशस्ति पत्र,स्मृति चिन्ह और मल्यार्पण कर सम्मानित किया गया I

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास, आनंद कुमार सिंह अन्ना , देवेंद्र श्रीवास्तव ,पत्रकार योगेंद्र कुमार और कवियों में आलोक बेताब, अखलाक खान भारतीय तथा अशोक प्रियदर्शी की गरिमामयी उपस्थिति से काव्य गोष्ठी सफलतम सीढ़ी तक पहुंच गई I

काव्य निशा को और ऊंचाई देने में तीनों पत्रकारों डॉ. कैलाश सिंह विकास,आंनद सिंह अन्ना और देवेंद्र श्रीवास्तव की भूमिका से समाचार दर्पण का नया तेवर देखने को मिला Iस्मृति शेष चंद्रावती नरेश का शिक्षा और साहित्य के प्रति समर्पण को याद करते हुए, इंजी. राम नरेश “नरेश” द्वारा कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

आज इसी कार्य क्रम में डॉ. कैलाश सिंह विकास और श्रीमती मधुलिका राय का संस्था द्वारा केक काट कर उनका जन्म दिन भी बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया I चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर राम नरेश “नरेश” ने अपने संक्षिप्त स्वागत संबोधन के साथ सभी विद्वत जनों को इस लघु काव्य गोष्ठी में आने के लिए बधाई दिया और अगले कार्य क्रमों में इसी तरह सहयोगात्मक भाव से जुड़े रहने का आग्रह किया I संचालन श्री सोनान्चली जी एवं अध्यक्षता श्री अशोक प्रियदर्शी मौर्य जी ने की I वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास के धन्यवाद ज्ञापन से गोष्ठी का समापन हुआ।

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