
वाराणसी। केवल सत्ता या शासन की चापलूसी राज्यभक्ति नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना उसका वास्तविक स्वरूप है। यह बातें वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम सुधार सिंह ने कहीं। वे प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र लमही द्वारा प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद कहानी पाठ के 1644वें दिवस पर बोल रहे थे। वरिष्ठ साहित्यकार आनंद कृष्ण मासूम ने प्रेमचंद की प्रेरक कहानी राज्य भक्त का पाठ किया। उन्होंने बताया कि यह कथा राष्ट्रप्रेम, त्याग और नैतिकता का सशक्त संदेश देती है। कहानी पाठ के उपरांत आनंद कृष्ण मासूम का सम्मान डॉ. राम सुधार सिंह, प्रो. श्रद्धानंद, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, आलोक शिवाजी, निदेशक राजीव गोंड एवं राज इंग्लिश स्कूल के चेयरमैन डॉ. हरिओम सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में एडवोकेट प्रेम शंकर यादव, कुमार महेंद्र, प्रताप शंकर दूबे, राजेश श्रीवास्तव, रामजतन पाल, सत्यम मिश्र, मनोहर, राहुल विश्वकर्मा, चंदन मौर्य, रोहित गुप्ता, अशोक सिंह, यश वर्मा, राहुल यादव, देव बाबू सहित अनेक साहित्यप्रेमी थे। संचालन आयुषी दूबे, स्वागत रोहित गुप्ता ने एवं धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया।
