
वाराणसी। ग्रामीण विकास और नवाचार आधारित आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट से भारत सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अरविंद कुमार संरक्षक एवं सलाहकार के रूप में जुड़े हैं। वे पूर्व में कंट्रोलर ऑफ सर्टिफाइंग अथॉरिटीज, महानिदेशक – STQC तथा ग्रुप कोऑर्डिनेटर – साइबर लॉ, साइबर सिक्योरिटी और R&D इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत सरकार जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभा चुके हैं। डॉ. अरविन्द ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और उद्यमिता का समन्वय आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि गांवों के युवाओं और महिलाओं को आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ा और प्रशिक्षित किया जाए तो वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। मैं साईं इंस्टीट्यूट के इस सराहनीय प्रयास को सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। साईं इंस्टीट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा कि अरविंद कुमार ने भारत सरकार में अपनी सेवा अवधि के दौरान न केवल प्रशासनिक नेतृत्व बल्कि तकनीकी नवाचार और अनुसंधान में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब उनके मार्गदर्शन से संस्थान का फोकस गांवों के समग्र विकास, अनुसंधान, नवाचार और सतत् आजीविका सृजन पर और अधिक मजबूत होगा। निदेशक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि डा.अरविन्द का अनुभव और मार्गदर्शन ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, डिजिटल नवाचार तथा रोजगार सृजन के प्रयासों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा। इससे न केवल वाराणसी और पूर्वांचल, बल्कि पूरे देश के ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
